अभी मैं जिंदा हूं..’ जमीन हड़पने के लिये पोते ने दादा का बनवाया फर्जी डेथ सर्टिफिकेट, गजब है फर्जीवाड़े की कहानी

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

सह संपादक कपिल गुप्ता

नालंदा: बिहार के नालंदा में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है दरअसल यहां पर कलयुगी पोते ने जीवित दादा का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उन्हें मृत घोषित किया और फिर संपत्ति का दाखिल खारिज कराकर उसे अपने नाम कर लिया.
पोते ने जिंदा दादा का बनवाया मृत्यु प्रमाण पत्र: सिलाव नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 निवासी विभूति महतो अभी जिंदा हैं. उनके अरविंद कुमार और जयप्रकाश कुमार नाम के दो बेटे हैं. अरविंद कुमार की मौत हो चुकी है. यह कारनामा अरविंद कुमार के बेटे राजीव रंजन द्वारा किया गया है.

पीड़ित दादा ने लिखित में की शिकायत: पीड़ित विभूति प्रसाद को जब इस संबंध में जानकारी मिली, तो उन्होंने सारे दस्तावेज निकालकर जांच की, जिसमें उन्हें सच्चाई पता चली. इसके बाद पीड़ित विभूति प्रसाद ने राजगीर अनुमंडलीय एसडीओ ओमकेश्वर को लिखित शिकायत दी.
”नगर पंचायत मेरे क्षेत्राधिकार से बाहर है. मैंने दाखिल खारिज नहीं किया है”. प्रीती कुमारी, राजस्व पदाधिकारी

15 दिन में हुआ जमीन का दाखिला खारिज: आम तौर पर जमीन का दाखिला खारिज करने में तीन से चार महीने से ज्यादा का समय लगता है, लेकिन विभूति महतो की जमीन का दाखिल खारिज मात्र 15 दिन के अंदर कर दिया गया.
”मैं अभी जिंदा हूं. मेरे पोते राजीव रंजन ने अंचल कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी के साथ मिलकर मेरा मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और फिर उन्हीं की मिलीभगत से सारी जमीन अपने नाम करवा ली. जब इसकी जानकारी उन्हें, लगी तो उन्होंने इसकी छानबीन की, तभी पता चला कि जमीन का दाखिल खारिज कर दिया गया है. जिसकी वाद संख्या 1956/2024-2025 है”. विभूति प्रसाद, पीड़ित
”मैं कुछ दिनों की छुट्टी पर था. राजस्व पदाधिकारी प्रीती कुमारी द्वारा ये दाखिल खारिज किया गया होगा”. आकाश दीप, अंचलाधिकारी, सिलाव

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