चौरतरफा घिरने के बाद राकेश टिकैत के भाई नरेश ने घुटने टेके

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

उप संपादक संजय मिश्रा

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बढ़े विवाद के बीच किसान नेता नरेश टिकैत ने सिंधु जल संधि के स्थगन पर ऐसा विवादित बयान दे दिया जिसक पूरे देश में चौतरफा निंदा हुई। खुद को घिरा पाकर और देश की जनता के रुख को देखते हुए नरेश टिकैत ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है।

नरेश टिकैत ने कहा, “हमें तो मामले का पता भी नहीं था, पानी की कीमत किसान जानता है, लेकिन हमारी बात को ऐसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया जैसे हम कोई असामाजिक तत्व हों, देश के गद्दार हों। हमें बड़ी शर्म महसूस हुई जब किसी ने बताया कि बाहर ऐसी बात चल रही है। तो हमें महसूस हुई कि इस तरह की बात गलत है। हमने अपना बयान वापस ले लिया है। हमारे लोगों को बयान गलत लगा, देश के हालात इतने खराब हैं, पाकिस्तान के साथ में संबंध खराब हो रहे हैं, इसलिए हमने अपने बयान पर खेद जताया है। हमें ऐसा नहीं कहना चाहिए था, मुंह से निकल गई होगी। जिन लोगों ने मेरे बयान पर नाराजगी जताई है वो हमारे अपने हैं, उनका हक है। पूरा देश एक साथ है, जो कुछ की एक्शन पाकिस्तान के खिलाफ सरकार को लेना है, ले, पूरा भारत सरकार के साथ है।”

नरेश टिकैत ने क्या कहा था?
भारत ने पाकिस्तान से सिंधु जल समझौते को रद्द करते हुए नदी का पानी रोक दिया है। इस फैसले पर किसान नेता नरेश टिकैत ने आपत्ति जताई और कहा कि ये फैसला गलत है। संधि नहीं टूटनी चाहिए। नरेश टिकैत ने अपने बयान में कहा- ‘पाकिस्तान में भी किसान हैं। किसानों के लिए पानी बहुत जरूरी है। किसानों को कहीं भी प्रभावित नहीं होना चाहिए।’

पहलगाम आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। आतंकियों ने पर्टयकों से उनका धर्म पूछ-पूछकर गोली मारी। आतंकियों ने हंसते खेलते पर्यटकों पर अंधाधुल गोलियां बरसाकर उनकी जान ले ली। इस आतंकी हमले को लेकर पूरे भारत में रोष है, पूरी दुनिया ने इस कायराना हमले की निंदा की है और आतंक के साथ निर्णयक लड़ाई में सहयोग की भरोसा दिया है।

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