यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो चीफ जयपुर
जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को देशभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रेंडिंग टॉपिक बने, लेकिन वजह कोई सरकारी योजना या विकास कार्य नहीं बल्कि एक विरोधी नारा रहा, “भजनलाल हटाओ राजस्थान बचाओ”. रात 9 बजे तक इस हैशटैग के साथ 72,000 से ज्यादा पोस्ट किए जा चुके हैं, जिससे यह न सिर्फ राजस्थान बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंडिंग नंबर वन पर पहुंच गया.
इस ट्रेंड के साथ ही “भजनलाल इस्तीफा दो” जैसे कई हैशटैग भी जोर पकड़ते दिखे. इस अचानक उभरे ट्रेंड पर कांग्रेस ने जहां सियासी हमला बोला, वहीं बीजेपी और सरकार की आईटी सेल डिफेंस मोड में नजर आई.
कांग्रेस का हमला: कांग्रेस प्रवक्ता यशवर्धन सिंह ने कहा कि,”यह हैशटैग केवल एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं है बल्कि यह हर आम नागरिक की आवाज है जो मौजूदा सरकार की विफलताओं से दुखी है. कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों पर अत्याचार और मंत्रियों की मनमानी ने जनता को निराश किया है.” उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अब जनता का गुस्सा समझना चाहिए, क्योंकि लोग अब सोशल मीडिया के माध्यम से अपने असंतोष को जाहिर कर रहे हैं.
बीजेपी का पलटवार: जैसे ही विरोधी ट्रेंड उभरा, बीजेपी और सरकार की आईटी सेल तुरंत एक्टिव हुई. उन्होंने सरकार की योजनाओं को उजागर करते हुए काउंटर हैशटैग “भजनलाल मतलब भरोसा” चलाया. आईटी सेल की ओर से पोस्ट किए गए बयानों में भजनलाल सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याण योजनाओं और “गुड गवर्नेंस” की बात की गई. बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि “यह ट्रेंड कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है, जो लोगों को गुमराह कर रही है. भजनलाल शर्मा जनता के भरोसे पर खरे उतर रहे हैं.”
गहलोत का पुराना बयान फिर बना चर्चा का केंद्र: गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि “भजनलाल शर्मा को खुद उनकी पार्टी के अंदर ही हटाने की साजिश चल रही है. दिल्ली से लेकर जयपुर तक.” इस बयान के बाद से ही राजस्थान में सीएम बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं. ऐसे में अब सोशल मीडिया पर अचानक उठे विरोधी नारों ने इस बहस को और तेज कर दिया है.
सोशल मीडिया बना नया मैदान: इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीतिक असंतोष अब सड़कों से ज्यादा सोशल मीडिया पर नजर आता है, जहां एक ओर विपक्ष सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की घेराबंदी में जुटा है, वहीं सरकार और बीजेपी उसी मंच पर जवाब दे रही हैं. अभी तक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ट्रेंड पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर मची हलचल ने सरकार के लिए एक नया सियासी दबाव जरूर खड़ा कर दिया है.