यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने SIR केस में बड़ा आदेश दिया है। अब जिन वोटरों का नाम ट्रिब्यूनल से क्लियर हो जाएगा, वो पोलिंग से दो दिन पहले तक भी वोट डाल सकेंगे। कोर्ट ने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया।
*क्या है डेडलाइन?*
– *पहला फेज- 23 अप्रैल को वोटिंग* → 21 अप्रैल तक नाम क्लियर हुआ तो वोट डाल सकेंगे।
– *दूसरा फेज- 29 अप्रैल को वोटिंग* → 27 अप्रैल तक नाम जुड़वाने का मौका।
*सीधा मतलब*: अगर आपका नाम SIR में कट गया था, लेकिन ट्रिब्यूनल ने बहाल कर दिया, तो वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले तक लिस्ट में नाम जुड़ जाएगा और आप वोट दे पाएंगे। जिनका नाम ट्रिब्यूनल ने रिजेक्ट कर दिया, वो वोट नहीं डाल सकेंगे।
*क्यों अहम है ये फैसला?*
1. *लाखों वोटरों को राहत*: SIR में जिनके नाम हटे थे, उन्हें अब आखिरी वक्त तक मौका मिलेगा। 21 और 27 अप्रैल की कट-ऑफ से क्लियरिटी आ गई।
2. *Article 142 का इस्तेमाल*: सुप्रीम कोर्ट ने खास शक्तियों का प्रयोग कर सीधे निर्देश दिए, ताकि कोई वोटर छूटे नहीं।
3. *चुनाव पर असर*: 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग है। अब ट्रिब्यूनल में केस लड़ रहे लोगों के पास आखिरी दिन तक उम्मीद बची है।
अब गेंद ट्रिब्यूनल के पाले में। नाम जुड़ा तो वोट पक्का, वरना नहीं।