यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
कोंच बैरोमीटर में लगातार उछाल मार रहे पारे का लेवल 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल कर लोगों को झुलसा रहा है। ऐसी भीषण गर्मी के बीच नगरपालिका परिषद की बड़ी लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। नगर में लगाए गए अधिकांश वॉटर कूलर या तो पूरी तरह खराब पड़े हैं या फिर ठंडे पानी की जगह गर्म पानी उगल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि प्यास बुझाने के लिए लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
नगर के प्रमुख स्थानों पर आम जनता और राहगीरों की सुविधा के लिए लगाए गए आरओ वॉटर कूलर इस समय सिर्फ हाथी के दांत बनकर रह गए हैं। कहीं मशीनें बंद हैं तो कहीं महीनों का रखरखाव नहीं हुआ। आलम यह है कि गर्मी में राहत देने वाले ये कूलर खुद ही बीमार पड़ कर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पिंडारी रोड स्थित आईटीआई कॉलेज और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के पास देखने को मिल रही है, जहां लगा वॉटर कूलर एक साल से अपने स्थान से गायब है और सिर्फ उसका ढांचा भर खड़ा रह गया है। इससे आसपास के लोग, छात्र-छात्राएं और कांशीराम कॉलोनी के निवासी खासे परेशान हैं। इधर, कैलिया बस स्टैंड का वॉटर कूलर भी कई दिनों से खराब पड़ा है और उसमें ठंडे पानी की जगह गर्म पानी निकल रहा है। यहां आने वाले यात्रियों को मजबूरन पैसे खर्च कर बोतल बंद पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। दुकानदार और मजदूर भी इधर-उधर से पानी का इंतजाम कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। कैलिया रोड स्थित तकिया खुर्रमशाह के पास लगा वॉटर कूलर तो पूरी तरह बेकार पड़ा है, न पानी, न कोई व्यवस्था। इसके अलावा बजरिया पावर हाउस तहसीलदार आवास, खेड़ा चौराहा, बड़ी माता मंदिर, दोहर चौराहे, स्टेट बैंक चौराहे, चंदकुआ चौराहे पर लगे वॉटर कूलर भी खराब पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में यही हाल रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों में व्यवस्था दिखाते हैं। मौके पर कोई सुधार नहीं होता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भीषण गर्मी पड़ने लगी है पल पल पर प्यास लगने लगती है, जल्द से जल्द खराब पड़े वॉटर कूलरों को दुरुस्त कराया जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी प्यास बुझ सके। नगर पालिका के आरआई सुनील कुमार का कहना है कि नगर में लगे वॉटर कूलरों की मरम्मत का कार्य लगातार कराया जा रहा है। जहां-जहां से खराब होने की सूचना मिल रही है, वहां वॉटर कूलरों को दुरुस्त कराया जा रहा है