अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर ‘सेकंड इनिंग्स सीनियर सिटिजंस क्लब’ के विशेष सम्मान समारोह में शामिल हुए डॉ राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

वरिष्ठजनों का अनुभव और आशीर्वाद समाज की सबसे बड़ी शक्ति : डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में ‘सेकंड इनिंग्स सीनियर सिटिजंस क्लब’ द्वारा आयोजित विशेष सम्मान समारोह में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ एवं सुपर सीनियर नागरिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं तथा समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया और ‘सक्षम’ पत्रिका के नए संस्करण का विमोचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत ‘ज्योति कलश छलके’ प्रस्तुति एवं राष्ट्रगान के साथ हुई।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सेकंड इनिंग्स सीनियर सिटिजंस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य, संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए एक सक्रिय एवं आत्मीय मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने संस्थापक सीए अतुल दुबे के नेतृत्व की प्रशंसा की तथा श्री अतुल टंडन की सक्रिय सहभागिता को भी प्रेरणादायी बताया। वरिष्ठजनों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि उनका अनुभव, संघर्ष, संस्कार और आशीर्वाद समाज की अमूल्य पूंजी है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सक्रियता को सुनिश्चित करना आवश्यक है तथा प्रयास होना चाहिए कि उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहे।

उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सरोजनीनगर के 8,500 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को राम रथ के माध्यम से निःशुल्क अयोध्या दर्शन कराया गया। बस, भोजन और सुरक्षित वापसी की व्यवस्था भी की गई। अब श्याम रथ की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को खाटू श्याम जी के दर्शन का अवसर मिल रहा है। उन्होंने सेकंड इनिंग्स के इच्छुक वरिष्ठजनों के लिए भी धार्मिक यात्रा कराने की घोषणा की। वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए पुलिस विभाग के साइबर एक्सपर्ट्स के साथ विशेष साइबर अवेयरनेस सेशन आयोजित करने की घोषणा करते हुए उन्होंने डिजिटल फ्रॉड, ओटीपी, पिन, ऑनलाइन बैंकिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे अपराधों के प्रति जागरूकता को जरूरी बताया। उन्होंने दिसंबर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए म्यूजिकल नाइट आयोजित करने तथा सेकंड इनिंग्स के कार्यक्रमों के लिए प्रत्येक तीन महीने में ऑडिटोरियम उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा—“वी आर विद यू। द एंटायर सिस्टम इज़ विद यू।”

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में पिछले साढ़े चार वर्षों में 5,756 विकास कार्य एवं परियोजनाएं पूर्ण, स्वीकृत अथवा प्रगतिशील हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹48,000 करोड़ है। इस दौरान 2,000 से अधिक नई सड़कों का निर्माण एवं पुरानी सड़कों का जीर्णोद्धार कराया गया तथा सड़क, नाली, खड़ंजा एवं जलभराव से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हजारों पत्राचार किए गए।

शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर के 70 स्कूलों में सीएसआर के सहयोग से डिजिटल लाइब्रेरी एवं स्मार्ट क्लास विकसित की गई हैं। उनके पिता स्वर्गीय रण बहादुर सिंह की स्मृति में स्थापित 18 ‘श्री रण बहादुर सिंह डिजिटल युवा सशक्तिकरण केंद्रों’ के माध्यम से कंप्यूटर, वर्ड, एक्सेल, टैली, वीडियो एडिटिंग एवं एआई जैसे पाठ्यक्रमों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र में कंप्यूटर सुविधा के साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए ‘माँ तारा जी’ की स्मृति में संचालित ‘तारा शक्ति सिलाई केंद्रों’ के माध्यम से हजारों महिलाओं को सिलाई एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। सीएसआर सहयोग से 2,500 से अधिक सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों पर स्कूल बैग, परिधान, राष्ट्रीय ध्वज एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं का निर्माण कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 के बाद सरोजनीनगर के पार्कों में ओपन जिम स्थापित करने का अभियान शुरू हुआ और अब 150 से अधिक पार्कों में ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने भविष्य में कम से कम 500 पार्कों को ओपन जिम से जोड़ने का लक्ष्य बताया। खेलों के क्षेत्र में सरोजनीनगर स्पोर्ट्स लीग के माध्यम से पिछले साढ़े चार वर्षों में 10,000 से अधिक बच्चों को विभिन्न खेलों से जोड़ा गया है। प्रतिभागी बच्चों को प्रमाणपत्र तथा टीमों को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरोजनीनगर में मेदांता और अपोलो जैसे बड़े अस्पतालों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने मैक्स हॉस्पिटल के निर्माण तथा सरकार द्वारा 1,000 बेड के नए अस्पताल की स्थापना की दिशा में हो रहे कार्यों की जानकारी दी। शिक्षा के क्षेत्र में बीबीएयू, आरएमएलएनएलयू, शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय, फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी तथा फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी संस्थाओं को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया।

औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचे के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने अशोक लीलेंड की ईवी बस फैक्ट्री, एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, मेट्रो विस्तार, एयरपोर्ट विस्तार और स्टेट कैपिटल रीजन जैसी परियोजनाओं को रोजगार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ते हुए इनके भविष्य के महत्व को रेखांकित किया। सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन के दृष्टिकोण पर डॉ. सिंह ने कहा कि राजनीति का आधार जाति नहीं, बल्कि विकास और सेवा होना चाहिए।

कार्यक्रम में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनका अनुभव, स्नेह और आशीर्वाद समाज एवं नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है और वरिष्ठजनों के सम्मान एवं उनके जीवन में खुशी बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

कार्यक्रम में बीबीएयू के कुलपति प्रो. डॉ. राज कुमार मित्तल, डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अमर पाल सिंह, अपोलो हॉस्पिटल के प्रो. डॉ. अमित गुप्ता, बीबीएयू के रजिस्ट्रार डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, इंडियन बैंक के सीजीएम श्री सुधीर गुप्ता, सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोशल इन्क्लूजन की निदेशक प्रो. डॉ. जया श्रीवास्तव, सेकंड इनिंग्स सीनियर सिटिजंस क्लब के संस्थापक सीए अतुल दुबे, श्री अतुल टंडन, श्रीमती नीरा दुबे, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री शंकरी सिंह, लूलू मॉल लखनऊ के रीजनल डायरेक्टर श्री जयकुमार गंगाधरन, डीसीबी बैंक की आरएम श्रीमती बबिता मल्होत्रा, डॉ. मयंक अग्रवाल, पार्षद प्रतिनिधि कमलेश सिंह एवं डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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