यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल मुख्यमंत्री नारी शक्ति औद्योगिक प्रोत्साहन नीति से बदलेगा यूपी का औद्योगिक भविष्य
लखनऊ।डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक सरोजनीनगर, ने उत्तर प्रदेश को ओमन लीड इंडस्ट्रियल ग्रोथ मॉडल के रूप में विकसित करने हेतु “मुख्यमंत्री नारी शक्ति औद्योगिक प्रोत्साहन नीति” लागू किए जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि महिला सशक्तिकरण को सामाजिक दायरे से आगे बढ़ाकर आर्थिक विकास की केंद्रीय शक्ति बनाया जाए। उन्होंने निवेदन किया कि ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए, जहाँ न्यूनतम 75 प्रतिशत कार्यबल महिलाएँ हों अथवा जो पूर्णतः women-led enterprises के रूप में संचालित हों।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को अभूतपूर्व गति मिली है। उज्ज्वला योजना, जन धन खातों के माध्यम से वित्तीय समावेशन, मुद्रा योजना के तहत महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, मातृत्व लाभ योजनाएँ तथा स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इन पहलों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का समन्वय उत्तर प्रदेश को women-led economic growth का अग्रणी मॉडल बना सकता है।
उन्होंने अपने प्रस्ताव के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि जापान में OECD Employment Outlook 2025 के अनुसार महिला रोजगार दर 55.1 प्रतिशत तथा महिला श्रम भागीदारी लगभग 77 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। जर्मनी में 3.84 million SMEs देश की 99.95 प्रतिशत कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो 50 प्रतिशत से अधिक आर्थिक उत्पादन और लगभग 60 प्रतिशत रोजगार का आधार हैं, जिनमें लगभग 16 प्रतिशत enterprises women-led हैं।
इसी प्रकार वियतनाम के textile एवं garment sector में लगभग 75 प्रतिशत workforce महिलाएँ हैं, जबकि Samsung Vietnam में 75–80 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएँ हैं और यह कंपनी देश के कुल exports में लगभग 20 प्रतिशत योगदान देती है। भारत में बेंगलुरु garment industry में लगभग 5 लाख workers में से 90 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जबकि Kerala के Kudumbashree model से 45 लाख से अधिक महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों में जुड़ी हुई हैं।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश में textile, garment, food processing, dairy, ODOP, chikankari, electronics assembly, pharma packaging, BPO, sanitary products, agri-based industries तथा solar assembly जैसे क्षेत्रों में महिला-प्रधान उद्योगों की व्यापक संभावनाएँ बताईं। उन्होंने इन उद्योगों के लिए SGST reimbursement, stamp duty एवं registration fee में छूट, 50–75 प्रतिशत तक power tariff subsidy, solar subsidy, सस्ती औद्योगिक भूमि, महिला औद्योगिक पार्क, plug-and-play units, collateral-free loans, interest subvention, सरकारी खरीद में प्राथमिकता तथा वर्किंग ओमन हॉस्टल्स ट्रांसपोर्ट एवं कर्च फैसिलिटीज जैसे प्रोत्साहनों का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि इस नीति से महिला रोजगार में वृद्धि, परिवारों की आय में सुधार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव, माइक्रेशन में कमी तथा सामाजिक स्थिरता में मजबूती आएगी और उत्तर प्रदेश एक ओमन मनोफैकचरिंग हब के रूप में स्थापित हो सकेगा।
डॉ. सिंह ने इसे केवल एक कल्याणकारी पहल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डालर इकनॉमी की दिशा में अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार बताया।