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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
महापौर सुषमा खर्कवाल ने ली बैठक, नगर आयुक्त गौरव कुमार ने दिया ‘तुरंत फेंसिंग’ का निर्देश
लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को आयोजित संपत्ति विभाग की समीक्षा बैठक में अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों के संरक्षण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने की। इस दौरान नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार की उपस्थिति में अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर सिविल महेश वर्मा, संपत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद समेत तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो), लेखपाल एवं संपत्ति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
*पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा*
बैठक में महापौर द्वारा पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने अब तक नगर निगम द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर बाउंड्री वॉल और तारबाड़ की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस भूमि को सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।
*फेंसिंग और बायोफेंसिंग कार्य की स्थिति*
संपत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक अतिक्रमण मुक्त कराई गई 68 गाटा भूमि पर तारबाड़ का कार्य कराया जा रहा है, जबकि 70 गाटा भूमि को उद्यान विभाग को बायो फेंसिंग के लिए हस्तांतरित किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए विभाग तेजी से काम कर रहा है।
*अतिक्रमण हटाते ही फेंसिंग अनिवार्य*
इस दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में जब भी किसी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, उसी दिन इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से वहां फेंसिंग का कार्य भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चीफ इंजीनियर महेश वर्मा को निर्देशित किया कि सीएंडडी वेस्ट प्लांट के माध्यम से पिलर और बाउंड्री वॉल का पर्याप्त स्टॉक पहले से तैयार रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपयोग किया जा सके।
*‘उत्सव वाटिका’ के रूप में विकसित होंगी जमीनें*
महापौर सुषमा खर्कवाल ने आगे निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर नगर निगम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, वहां स्थायी समाधान के रूप में ‘उत्सव वाटिका’ विकसित की जाए। इसके तहत संबंधित भूमि पर एक कमरा निर्माण कर गेट लगाया जाए, जिससे भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की संभावना समाप्त हो सके और भूमि का उपयोग भी सुनिश्चित हो।
*15 मई तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य, 10 दिन बाद फिर समीक्षा*
बैठक में महापौर ने 15 मई तक सभी अतिक्रमण मुक्त भूमि पर फेंसिंग एवं बायोफेंसिंग का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही नगर आयुक्त ने संपत्ति विभाग को 10 दिन बाद दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।