ईरान ने अमेरिकी नेवी के तीन जहाजों पर किया अटैक, भाग खड़ी हुई ट्रंप की सेना

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी

तेहरान: अमेरिका और ईरान में एक बार फिर जंग की शुरुआत होती दिख रही है. गुरुवार को अमेरिका और ईरान दोनों ने एक दूसरे पर अचानक मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया. ईरान ने अमेरिका के तीन जहाजों पर जोरदार हमला किया. यह हमला करके ईरान ने अमेरिका को दूसरे विश्वयुद्ध में US के पर्ल हार्बर पर हुए अटैक की याद दिला दी. अमेरिकी नेवी के जहाजों को ईरान ने होर्मुज में फंसा लिया था, जिस कारण हमला होते ही उसे दुम दबाकर भागना पड़ा. बाद में अमेरिका ने भी हमला किया. हालांकि घंटों चली इस झड़प के बाद दोनों देशों ने तनाव कम करने की बात कही और हालात सामान्य होने का दावा किया.

यह पूरा मामला ईरान के एक आरोप से शुरू हुआ. ईरान की टॉप जॉइंट मिलिट्री कमांड ने कहा कि अमेरिका ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को निशाना बनाया. ईरान के मुताबिक, इन हमलों के जवाब में उसकी सेना ने होर्मुज के पूर्व और चाबहार पोर्ट के दक्षिण में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमला किया. ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने दावा किया कि इस जवाबी हमले में अमेरिकी सेना को ‘काफी नुकसान’ हुआ. हालांकि अमेरिका ने किसी भी नुकसान से इनकार किया. उसने इस अटैक के बदले में ईरानी बंदरगाहों पर हमले का दावा किया है. ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने केश्म द्वीप और बंदर खमीर व सीरिक जैसे तटीय इलाकों में नागरिक क्षेत्रों पर एयरस्ट्राइक की.

अमेरिका ने हमले पर क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान ने तीन अमेरिकी नेवी डिस्ट्रॉयर USS ट्रक्सटन, USS राफेल पेराल्टा और USS मेसन को निशाना बनाते हुए मिसाइल, ड्रोन और समुद्री बोट्स से हमला किया. लेकिन इन हमलों को नाकाम कर दिया गया. CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां से ये हमले किए जा रहे थे, जिनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स शामिल थे. CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अपनी सेना की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. वहीं ईरान ने भी साफ चेतावनी दी कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह ‘बिना किसी हिचकिचाहट के कड़ा जवाब’ देगा.

डोनाल्ड ट्रंप ने हमले पर क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान की ओर से घातक हमले के बाद भी तीनों जहाज सुरक्षित होर्मुज से निकल आए हैं. उन्होंने कहा कि तीन अमेरिकी डिस्ट्रॉयर होर्मुज से गुजरते समय हमले की चपेट में आए, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया.

डोनाल्ड ट्रंप ने इस झड़प के बाद ईरान को चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका और ज्यादा ‘कड़ा और हिंसक’ जवाब देगा.

ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को कम करके दिखाने की कोशिश भी की. उन्होंने ABC न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘यह सिर्फ एक छोटा सा झटका है’ और जोर दिया कि सीजफायर अभी भी लागू है. ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों पर हमले को ‘लव टैप’ नाम दिया.

ईरान ने शांति का किया दावा

ईरान के सरकारी मीडिया ने बाद में रिपोर्ट दी कि कुछ घंटों की गोलीबारी और हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के द्वीपों और तटीय शहरों में स्थिति अब सामान्य हो गई है. यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब सीजफायर पर अमेरिका, ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा था. अमेरिका ने एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें लड़ाई रोकने की बात है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे विवादित मुद्दों को फिलहाल अलग रखा गया है. इस प्रस्ताव में तीन चरणों में समाधान की बात कही गई है, जिसमें युद्ध का औपचारिक अंत, होर्मुज संकट का हल और 30 दिनों के भीतर व्यापक समझौते पर बातचीत शामिल है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *