यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
– शहरों की वित्तीय मजबूती और राजस्व बढ़ाने के लखनऊ मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर किया प्रस्तुत
लखनऊ/मुम्बई: मुंबई के नरिमन प्वाइंट स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर में आयोजित “नेशनल कंसल्टेशन ऑन फिस्कल एम्पावरमेंट ऑफ सिटी गवर्नमेंट्स” कार्यक्रम में लखनऊ की माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने प्रतिभाग किया। प्रजा संस्था द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शहरी वित्त विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर नगर निगम लखनऊ के पार्षद श्री सौरभ सिंह ‘मोनू’ जी एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारी श्री विनय कुमार राय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने भी विभिन्न शहरों द्वारा अपनाए जा रहे शहरी वित्त एवं प्रशासन के नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में “शहरी स्थानीय निकायों के वित्तीय सशक्तिकरण संबंधी रिपोर्ट 2026” की प्रमुख रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा शहरों को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
*शहरों की वित्तीय मजबूती और नवाचार पर हुआ मंथन*
कार्यक्रम के दौरान नगर निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, शहरों के स्वयं के राजस्व स्रोतों को मजबूत करने, संपत्तियों के बेहतर उपयोग, कर संग्रहण प्रणाली में तकनीकी सुधार, शहरी सेवाओं के लिए नवाचार आधारित वित्तीय मॉडल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, यूजर चार्ज व्यवस्था, विज्ञापन एवं पार्किंग प्रबंधन, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग तथा नगर निकायों की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इसके साथ ही नगर निगमों द्वारा बिना अतिरिक्त कर बोझ डाले आय बढ़ाने के सफल मॉडलों, डिजिटल टैक्स मैनेजमेंट, शहरी विकास परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
*पहले सत्र में पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुईं महापौर*
कार्यक्रम के प्रथम सत्र “नगर निकायों के स्व-वित्तीय राजस्व स्रोतों की मजबूती” में माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी पैनलिस्ट के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने लखनऊ नगर निगम द्वारा राजस्व बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नगर सेवाओं को मजबूत करने के लिए किए गए नवाचारों और प्रयासों की जानकारी साझा की।
इस सत्र में महाराष्ट्र सरकार के विधायक श्री योगेश सागर, कोच्चि नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी सदस्य श्रीमती शाइनी मैथ्यू तथा रांची नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त श्री चंद्रदीप कुमार भी पैनलिस्ट के रूप में उपस्थित रहे। सत्र का संचालन अर्बन फाइनेंस एंड मैनेजमेंट विशेषज्ञ श्री रविकांत जोशी ने किया।
*गृहकर और जलकर आय में रिकॉर्ड वृद्धि का मॉडल किया प्रस्तुत*
माननीय महापौर जी ने अपने संबोधन में बताया कि नगर निगम लखनऊ ने बिना किसी नए कर को लगाए और वर्ष 2010 के बाद कर दरों में कोई वृद्धि किए बिना राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में नगर निगम को गृहकर से 313.81 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 771.06 करोड़ रुपये हो गई। इस प्रकार चार वर्षों में गृहकर आय में 145.70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार जलकर एवं सीवर शुल्क से वर्ष 2021-22 में 149.57 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 447.95 करोड़ रुपये हो गई। इसमें 199.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
*असेसमेंट बढ़ाकर बढ़ाया राजस्व आधार*
महापौर जी ने बताया कि नगर निगम लखनऊ द्वारा कराधान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाते हुए असेसमेंट भवनों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई। वर्ष 2021-22 में नगर निगम सीमा में 5,85,802 भवन असेसड थे, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 7,60,710 कर दिया गया। इस प्रकार भवन असेसमेंट में 29.85 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त की गई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बिना कर दरों में वृद्धि किए केवल बेहतर प्रबंधन, तकनीकी सुधार और कर प्रणाली को मजबूत करने के माध्यम से हासिल की गई है।
*किराया, विज्ञापन और पार्किंग से भी बढ़ी आय*
महापौर जी ने बताया कि नगर निगम की स्वयं की संपत्तियों को किराए पर देकर वर्ष 2021-22 में 1.81 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 4.91 करोड़ रुपये हो गई। इसमें 171.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। नगर निगम सीमा में विज्ञापन, होर्डिंग और कियोस्क शुल्क से वर्ष 2021-22 में 2.79 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 15.50 करोड़ रुपये हो गई। इसमें 455.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसी प्रकार पार्किंग शुल्क से होने वाली आय वर्ष 2021-22 में 2.55 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 5.26 करोड़ रुपये हो गई। इसमें 106.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
*डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण से बढ़ी यूजर चार्ज आय*
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण से यूजर चार्ज के रूप में वर्ष 2021-22 में 8.03 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 30.01 करोड़ रुपये हो गई। इस प्रकार यूजर चार्ज आय में 273.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
*‘अहाना इन्क्लेव’ योजना से भी हुई बड़ी आय*
माननीय महापौर जी ने बताया कि नगर निगम लखनऊ द्वारा संचालित स्वयं की आवासीय योजना ‘अहाना इन्क्लेव’ के अंतर्गत फ्लैट निर्माण एवं बिक्री के माध्यम से वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक कुल 226.10 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम लखनऊ का यह मॉडल देश के अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकता है, जहां बिना करों का अतिरिक्त बोझ डाले बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और संसाधन प्रबंधन के माध्यम से राजस्व वृद्धि की जा सकती है।
*खाली पड़ी भूमि पर विकसित होंगी उत्सव वाटिकाएं और खेल मैदान*
कार्यक्रम के दौरान माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने यह भी बताया कि नगर निगम लखनऊ अपनी आय के नए स्रोत विकसित करने के उद्देश्य से शहर में खाली पड़ी नगर निगम की भूमि का बेहतर उपयोग करने जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर उत्सव वाटिकाओं और खेल मैदानों का निर्माण प्रस्तावित है। महापौर जी ने कहा कि इस पहल से एक ओर नगर निगम की आय में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों को सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक आयोजन तथा खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
उन्होंने बताया कि नगर निगम का प्रयास है कि सार्वजनिक परिसंपत्तियों का उपयोग जनसुविधाओं और राजस्व वृद्धि दोनों के लिए प्रभावी तरीके से किया जाए। महापौर जी द्वारा प्रस्तुत इस नवाचार आधारित मॉडल की कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न शहरों के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सराहना की तथा इसे शहरी निकायों के लिए एक प्रेरणादायी पहल बताया।
*दूसरे सत्र में वित्तीय नवाचारों पर हुई चर्चा*
कार्यक्रम के दूसरे सत्र “शहरों में नवाचार आधारित वित्तीय तंत्र” में विभिन्न नगर निकायों द्वारा अपनाए जा रहे आधुनिक वित्तीय मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग, शहरी परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने तथा नगर निकायों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के विषय पर चर्चा की गई। इस दौरान नगर निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, डिजिटल टैक्स मैनेजमेंट, शहरी विकास परियोजनाओं के लिए नवाचार आधारित निवेश मॉडल, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के प्रभावी उपयोग और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
*नगर निगम अधिनियम में बदलावों पर भी हुई चर्चा*
कार्यक्रम में नगर निगम लखनऊ के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी श्री विनय कुमार राय ने भी सहभागिता करते हुए नगर निगम अधिनियम में आवश्यक सुधारों एवं विभिन्न बदलावों को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने नगर निकायों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने, कर प्रणाली को सरल करने तथा राजस्व संग्रहण को मजबूत करने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप नगर निगम अधिनियम में समय-समय पर संशोधन और आधुनिक व्यवस्थाओं को शामिल करना आवश्यक है, जिससे नगर निकायों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाया जा सके।