ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो चीफ हेमराज मौर्या
नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मकान मालिक अपनी संपत्ति की जरूरतों का सबसे अच्छा जज होता है। किरायेदार इस आधार पर बेदखली का विरोध नहीं कर सकता कि मकान मालिक के पास अन्य संपत्तियां हैं। कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक की वास्तविक जरूरत के आधार पर किरायेदार को बेदखल करने का कानून स्पष्ट है। मकान मालिक को यह तय करने का अधिकार है कि उसकी विशेष आवश्यकता के लिए कौन सी संपत्ति खाली की जानी चाहिए। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने एक मकान मालिक की अपील को स्वीकार किया। मकान मालिक ने अपने दो बेरोजगार बेटों के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की जरूरत के कारण मुकदमा दायर किया था।