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बायर प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
भारत ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल ‘गांडीव’Astra Mk-III की ओर कदम बढ़ा दिया है। यह मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों को बहुत दूर से ही निशाना बना सकती है। इसकी रेंज और स्पीड मौजूदा मिसाइलों से कहीं ज्यादा है। यह भारत के हवाई अटैक की रणनीति को पूरी तरह बदल सकती है। इसका नाम महाभारत में अर्जुन के धनुष के नाम पर रखा गया है। यह मिसाइल सिस्टम में भारत के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम है। Livefist Defence.com की रिपोर्ट में भारत के इस सुपर हथियार को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही इसका पहला हवाई परीक्षण किया जा सकता है। इससे पहले जमीन से इसकी दो टेस्टिंग किए जा चुके हैं।
गांडीव मिसाइल की खूबियां जानिए
Astra Mk-III, जिसे गांडीव भी कहा जाता है, भारत में बनी एक अत्याधुनिक BVRAAM (Beyond Visual Range Air-to-Air Missile) है। इसका मतलब यह है कि यह दुश्मन की मिसाइलों को देखे बिना ही उन्हें मारकर गिरा सकती है। इसमें एक खास SFDR (Solid Fuel Ducted Ramjet) सिस्टम लगा है, जो इसे ज्यादा दूर तक और तेज स्पीड से जाने में मदद करता है। सोशल मीडिया पर लीक हुई जानकारी के मुताबिक, यह मिसाइल ज्यादा ऊंचाई पर 340 किमी और 8 किमी की ऊंचाई पर 190 किमी तक मार कर सकती है
गांडीव के आने से बढ़ेगी एयरफोर्स की ताकत
यह रेंज दुश्मन देशों के पास मौजूद अधिकतर मिसाइलों से ज्यादा है, यहां तक कि भारतीय वायुसेना के राफेल में लगी MBDA Meteor से भी। गांडीव के आने से भारतीय वायुसेना को एयर स्ट्राइक में बढ़त मिल जाएगी। दुश्मन के विमानों को हमला करने का मौका मिलने से पहले ही उन्हें निशाना बनाया जा सकेगा। गांडीव/Astra Mk-III की सबसे बड़ी खासियत इसकी मारक क्षमता है। यह 340 किमी की दूरी से भी दुश्मन के लड़ाकू विमानों को निशाना बना सकती है। इतनी दूरी पर दुश्मन के पास बचने का कोई मौका नहीं होता।
चीन-पाकिस्तान भी खाएंगे खौफ !
गांडीव मिसाइल ऊंचाई पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करती है। आठ किमी की ऊंचाई पर भी यह 190 किमी तक मार कर सकती है। यह रेंज भारत के विरोधियों, जैसे चीन और पाकिस्तान, के पास मौजूद मिसाइलों से कहीं ज्यादा है। यहां तक कि भारत के राफेल लड़ाकू विमानों में लगी एम बी डी ए मीटर मिसाइल से भी इसकी रेंज ज़्यादा है।
अर्जुन के धनुष ‘गांडीव’ पर रखा गया नाम
गांडीव मिसाइल का नाम महाभारत की लड़ाई में अर्जुन के धनुष के नाम पर रखा गया है। यह नाम इसकी ताकत और सटीकता को दर्शाता है। यह मिसाइल न सिर्फ दुश्मन के लड़ाकू विमानों को निशाना बना सकती है, बल्कि , ए डब्लू ए सी एस हवाई ईंधन भरने वाले विमान और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को भी मार गिरा सकती है। इसकी 20 डिग्री एंगल ऑफ अटैक और ±10 किमी स्नैप-अप/स्नैप-डाउन क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है। यह दुश्मन के विमानों के मूवमेंट का अंदाजा लगाकर उन्हें भी निशाना बना सकती है।
तेजी से वायरल हो रही ‘गांडीव’ की तस्वीर
सोशल मीडिया पर Astra लॉन्चर पर गांडीव की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिससे लगता है कि जल्द ही इसका पहला हवाई परीक्षण किया जा सकता है। इससे पहले जमीन से इसके दो परीक्षण किए जा चुके हैं। अब उम्मीद है कि Su-30 एम के आई लड़ाकू विमान से इसका परीक्षण किया जाएगा। 3838 मिमी लंबी और 178-200 मिमी व्यास वाली यह मिसाइल लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाने के लिए बनाई गई है।
क्यों ज्यादा मारक है ‘गांडीव’
गांडीव में पारंपरिक सॉलिड-फ्यूल मिसाइलों के मुकाबले एक खास SFDR प्रणोदन प्रणाली है। पारंपरिक मिसाइलों का ईंधन कुछ ही सेकंड में जल जाता है, जबकि SFDR लगातार एक्टिव स्पीड देता रहता है। इससे मिसाइल ज्यादा दूर तक जा सकती है। गांडीव मिसाइल की स्पीड ज्यादा होती है, और यह आसानी से दिशा बदल सकती है।
यह मिसाइल 0.8-2.2 मैक की गति से लॉन्च हो सकती है और 2.0-3.6 मैक की गति से लक्ष्य को भेद सकती है। यह इसे दुनिया की सबसे तेज हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों में से एक बनाता है। इसे समुद्र तल से लेकर 20 किमी की ऊंचाई तक लॉन्च किया जा सकता है, जिससे यह हर तरह की परिस्थिति में कारगर साबित होती है।