ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
जयपुर गैंगस्टर रोहित गोदारा ने जयपुर के एक व्यापारी को कॉल कर 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी. इसके बाद पुलिस ने व्यापारी को सुरक्षा मुहैया करवाई और दो गनमैन तैनात कर दिए. अब पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करवाने के बदले व्यापारी को नोटिस देकर 76 लाख 17 हजार 264 रुपए जमा करवाने को कहा है. इस मुद्दे पर आज सदन में हंगामा हुआ. विपक्ष के सदस्यों ने सरकार से जवाब दिलवाने की मांग रखी और सदन में नारेबाजी करने लगे. इस पर स्पीकर प्रो. वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी है. बता दें कि जयपुर के कपड़ा व्यापारी रमेश चंद नारनौली को दिसंबर 2023 में गैंगस्टर रोहित गोदारा ने कॉल कर 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी. पहले उसने गंभीरता से नहीं लिया. पुलिस को शिकायत देने पर कॉल गैंगस्टर गोदारा द्वारा ही देने की बात सामने आई. इसके बाद पुलिस ने व्यापारी की सुरक्षा के लिए गनमैन तैनात कर दिए. अब 23 फरवरी, 2025 को उन्हें नोटिस देकर 76 लाख 17 हजार 264 रुपए जमा करवाने को कहा है.
इस पूरी घटना को लेकर व्यापारी रमेशचंद नारनौली का कहना है कि लगातार धमकी भरे कॉल आने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी. उस समय पुलिस ने सुरक्षा के लिए दो गनमैन तैनात कर दिए थे. अब उन्हें 76 लाख रुपए जमा करवाने का नोटिस मिला है. उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा देने के लिए नहीं कहा था. पुलिस ने खुद ही सुरक्षा दी थी. वहीं, जयपुर कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ का कहना है कि पुलिस ने स्वतः सुरक्षा मुहैया करवाई या व्यापारी ने सुरक्षा मांगी थी. इसका पता करवाया जा रहा है. जांच के बाद ही नोटिस की स्थिति साफ हो पाएगी.
कांग्रेस विधायक ने उठाया मामला : इस पूरे मामले को लेकर आज गुरुवार को विधानसभा में हंगामा हुआ. बूंदी से कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने पर्ची के जरिए यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, जेल से अपराधी व्यापारियों को रंगदारी वसूलने के लिए धमकाते हैं. इसे रोकने के लिए सरकार को गंभीरता से प्रयास करना चाहिए. गैंगस्टर ने व्यापारी को कॉल किया और रंगदारी मांगी. पहले तो पुलिस के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया. बाद में लगातार कॉल आया तो जांच में आया कि कॉल गैंगस्टर द्वारा किया जा रहा है. पुलिस ने सुरक्षा दी और बदले में 76 लाख रुपए जमा करवाने का नोटिस थमा दिया.
सरकार से जवाब दिलवाने की मांग : इस पर विपक्ष के सदस्य सरकार से जवाब दिलवाने की मांग करने लगे. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह गंभीर विषय है. इस पर सरकार से जवाब दिलवाया जाना चाहिए. उन्होंने भरतपुर सांसद संजना जाटव द्वारा पुलिस विभाग के कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर करने का मामला भी सदन में उठाया. जूली ने सरकार से जवाब दिलवाने की मांग रखी. इस दौरान विपक्ष के सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे. विपक्ष के लगातार हंगामे के चलते स्पीकर प्रो. वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.