सह संपादक कपिल गुप्ता
शिकार कार्ड खेलते हुए रोने लगा, कहा- मैं अपना घर बेच कर पूरी जिंदगी काम कर लूं, तो भी ये जुर्माना नहीं भर पाऊंगा। ”
बात योगी जी तक पहुंची। योगी जी ने दिया ऑफर:
“अरे, मूर्ख… हम जानते हैं कि आप अकेले ही शामिल नहीं थे, लेकिन आप भाग्यशाली थे – आपकी तस्वीर सबसे स्पष्ट आई। एक काम करो जो शामिल है उसका नाम बताओ, जुर्माना हम आप सब में बाँट देंगे। आपका बोझ कम होगा। ”
अब्दुल की आँखें जगमगा उठीं। वह चिल्लाया, “मैं सबको जानता हूँ! ”
उन्होंने एक-एक करके उनका नामकरण करना शुरू कर दिया- मौलाना सादिक, रिजवान, आफताब, सुहैल, नसीम, करीम, मौलाना फज़लू, और 500 और लोग
योगी जी मुस्कुराए : “शाबाश ! अब आपका जुर्माना ₹1,395 हो गया है। ज्यादा नाम याद रखोगे तो और कम हो जाएगा ”
योगी जी ने एक और ऑफर दिया
अब्दुल की आँखों में फिर से चमक आई। वह चिल्लाया, “मेरे जीजा और मेरे दस रिश्तेदार! ”
उसने सब कुछ बता दिया।
योगी जी ने मुस्कराकर कहा- अब आपका जुर्माना सिर्फ ₹500 है। तुरंत भुगतान करें और छोड़ दें। ”
योगी जी की सरकार की तारीफ करते अब्दुल चले गए
अब पूरे इलाके से मौलाना सादिक और अन्य लोग जुर्माना भरने की तैयारी में हैं।
ये है योगी जी का शासन शैली सभी सुखी और समृद्ध हो! “