केंद्रीय मंत्रीनितिन गडकरी का एक और विस्फोटक बयान, बोले- नेताओं ने बनाई जाति, जनता जातिवादी नहीं

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी

नितिन गडकरी ने कहा कि जाति व्यवस्था नेताओं ने बनाई है, जनता जातिवादी नहीं है. नेता वोट बैंक के लिए जाति का इस्तेमाल करते हैं. समाज को आगे बढ़ाने के लिए जाति और पिछड़ेपन की राजनीति खत्म करनी होगी.

जाति की बात करने वालों को लात मारने की बात करने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश में जाति व्यवस्था को नेताओं ने बनाया है, न कि आम जनता ने. उन्होंने कहा कि जनता अपने आप में जातिवादी नहीं है, बल्कि नेता अपने फायदे के लिए जाति को बढ़ावा देते हैं. गडकरी का यह बयान उस समय आया है, जब देश में जाति और पिछड़ेपन को लेकर राजनीति गरमाई हुई है.

गडकरी ने कहा कि नेता ही जाति को जिंदा रखते हैं. वे अपने वोट बैंक को मजबूत करने और सत्ता हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. जनता तो आपस में भाईचारे के साथ रहना चाहती है, लेकिन नेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांट दिया. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल पिछड़ापन एक राजनीतिक हथियार बन गया है. नेता यह दिखाने की होड़ में लगे हैं कि कौन कितना पिछड़ा है, ताकि वे लोगों की सहानुभूति और समर्थन हासिल कर सकें.

उन्होंने आगे कहा कि पहले पिछड़ेपन का मतलब गरीबी, अशिक्षा और संसाधनों की कमी से था, लेकिन अब यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है. आजकल हर कोई यह साबित करना चाहता है कि वह सबसे ज्यादा पिछड़ा है. यह एक तरह का कंप्पटीशन बन गया है. इससे समाज का भला नहीं हो रहा, बल्कि नुकसान हो रहा है.

गडकरी ने यह भी कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए जाति और पिछड़ेपन की राजनीति को खत्म करना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें शिक्षा, रोजगार और विकास पर ध्यान देना चाहिए. जाति के नाम पर लोगों को बांटने से देश कमजोर होगा. उनके मुताबिक, अगर नेता जातिवाद को छोड़ दें, तो जनता अपने आप एकजुट होकर देश को मजबूत बनाएगी.

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी राय दे रहे हैं. कुछ यूजर्स का मानना है कि गडकरी ने सही बात कही है, क्योंकि नेता ही वोट के लिए जाति को हवा देते हैं. वहीं, कुछ का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान है और इसमें कोई नई बात नहीं है. नितिन गडकरी पहले भी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. वे अक्सर ऐसे मुद्दों पर बोलते हैं, जो समाज और राजनीति को प्रभावित करते हैं.

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