ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
प्रधान संपादक
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम सैयद वसीम रिजवी) की याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में 2021 में हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के मामले में उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को एक साथ जोड़ने की मांग की गई है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवायी की.
वकील ने क्या दी दलीलः जितेंद्र नारायण त्यागी के वकील ने दलील दी कि लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले उनके मुवक्किल के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. जिनमें से एक श्रीनगर में है. वकील ने दलील दी कि उस क्षेत्र में यात्रा करते समय उनके मुवक्किल की जान को खतरा है. वकील ने पीठ से आग्रह किया कि श्रीनगर के मामले को उत्तराखंड के हरिद्वार में चल रहे दूसरे मामले के साथ जोड़ दिया जाए.
कोर्ट ने मांगा जवाबः पीठ ने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड सरकार और श्रीनगर में त्यागी के खिलाफ शिकायतकर्ता दानिश हसन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. सर्वोच्च न्यायालय ने त्यागी के खिलाफ सभी आपराधिक मामलों को एक साथ जोड़ने पर विचार करने पर सहमति जताते हुए लंबित मामलों में उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ संरक्षण देने से इनकार कर दिया.
कहां दर्ज हैं मामलेः बता दें कि उत्तराखंड के हरिद्वार के एक पुलिस थाने में दर्ज तीन आपराधिक मामले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित हैं. श्रीनगर में एक अलग मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के लिए समन जारी किया है. गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है.