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ब्यूरो चीफ हेमराज मौर्या
अररिया: अररिया में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने रविवार को बिहार में अपनी ‘पलायन रोको नौकरी दो’ पद यात्रा स्थगित कर दिया है. यात्रा बीच रास्ते में छोड़कर कन्हैया कुमार दिल्ली के लिए रवाना हो गए. अररिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कन्हैया के सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद के बाद यह फैसला लिया गया. बताया जा रहा है कि कन्हैया को दिल्ली से बुलावा आया था.
कन्हैया कुमार की पदयात्रा में धक्कामुक्की: बताया जाता है कि कन्हैया कुमार की पदयात्रा में उस समय विवाद हो गया जब कुछ लोग उन्हें माला पहनाने और उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे थे. एक विधायक के रिश्तेदार की सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई. सुरक्षाकर्मी लोगों को कन्हैया के पास जाने से रोक रहे थे. इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और कुछ कार्यकर्ता गिर भी गए. इसके बाद कन्हैया ने बस स्टैंड के पास पद यात्रा रोक दी और दिल्ली के लिए रवाना हो गए.
राहुल गांधी का आया फोन: यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता और कन्हैया कुमार के बाउंसर के बीच झड़प की पुष्टि खुद कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर अनवर बैराग ने की है. उन्होंने कहा कि कन्हैया कुमार शहर में चल रहे पदयात्रा को बीच में छोड़कर इसलिए निकल गए क्योंकि उन्हें राहुल गांधी का फोन आ गया था.
“झड़प की बात सही है, लेकिन इस वजह से कन्हैया कुमार पदयात्रा छोड़कर नहीं निकले. कन्हैया कुमार को राहुल गांधी का फोन आ गया था.”- जाकिर अनवर बैराग, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
दिल्ली गए कन्हैया कुमार: जिलाध्यक्ष ने कहा कि कन्हैया कुमार को दिल्ली से कॉल आया था. जिसके बाद उन्होंने यह फैसला लिया. बता दें कि कन्हैया कुमार की यह पदयात्रा बिहार में पलायन और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित थी। इसकी शुरुआत चंपारण के भितिहरवा से हुई थी.
16 मार्च से शुरू हुई थी यात्रा: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह यात्रा 16 मार्च से शुरू हुई थी. यह पहले चरण का अंतिम यात्रा थी. इस यात्रा का मकसद युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है. यात्रा में 2019-2020 के बीच सेना भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया. इन अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां और जंजीरें थामकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.