शिवरी प्लांट पहुंचकर प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने जाना कचरा निस्तारण का वैज्ञानिक मॉडल

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

– लेगेसी वेस्ट से लेकर फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग तक की प्रक्रिया का किया अवलोकन, अधिकारियों को दी गई आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी

लखनऊ। डॉ० राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश राज्य प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में चल रहे 88वें एवं 87वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को प्रशिक्षु अधिकारियों ने नगर निगम लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का भ्रमण किया। इस दौरान 59 उपजिलाधिकारियों एवं प्रांतीय सिविल सेवा के 48 अधिकारियों ने शिवरी प्लांट में लेगेसी वेस्ट और फ्रेश वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझा।

अधिकारियों को बताया गया कि शिवरी प्लांट वर्तमान में लखनऊ नगर निगम की आधुनिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां शहर से प्रतिदिन निकलने वाले ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। प्लांट में पुराने जमा कचरे यानी लेगेसी वेस्ट के निष्पादन के साथ-साथ प्रतिदिन आने वाले फ्रेश वेस्ट की प्रोसेसिंग भी की जा रही है।

प्रशिक्षु अधिकारियों को जानकारी दी गई कि लखनऊ शहर से प्रतिदिन लगभग 2000 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसके निस्तारण के लिए नगर निगम द्वारा शिवरी सहित तीन अत्याधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट संचालित की जा रही हैं। प्रत्येक यूनिट की क्षमता लगभग 850 मीट्रिक टन प्रतिदिन है, जिससे शहर को ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’ बनाने में मदद मिली है।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि प्लांट में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर जैविक कचरे से कंपोस्ट एवं बायोगैस तैयार की जाती है, जबकि सूखे कचरे से रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) बनाकर सीमेंट एवं अन्य उद्योगों में उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त पुराने कचरे से निकले निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (C&D Waste) और बायो-सॉयल का भी पुनः उपयोग किया जा रहा है।

एसएफआई श्री जितेंद्र वर्मा एवं भूमि ग्रीन की टीम ने अधिकारियों को प्लांट की कार्यप्रणाली, कचरा पृथक्करण, प्रोसेसिंग मशीनरी तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने प्लांट में संचालित आधुनिक तकनीकों को देखा और नगर निकायों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की आवश्यकता पर चर्चा की।

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