ए आई रोबोटिक्स कोडिंग और रिवर्स इंजीनियरिंग को बताया भविष्य की आवश्यकता; उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 युवा प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया प्रोत्साहित

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

लखनऊ। “तकनीक केवल मशीनों को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भविष्य के लिए तैयार करने की शक्ति भी है।” इसी सोच के साथ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को SKD Academy, वृंदावन ब्रांच, रायबरेली रोड में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय CODE BOT Championship में सहभागिता की। उन्होंने देशभर से आए युवा प्रतिभागियों से संवाद किया, उनके वैज्ञानिक एवं AI आधारित Innovations को समझा तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।

युवाओं को तकनीक, कौशल और नवाचार से जोड़ने के निरंतर प्रयासों के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि Coding, Artificial Intelligence, Robotics और Digital Skills में दक्ष नई पीढ़ी ही भारत की तकनीकी क्षमता, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनेगी।

शानदार आयोजन ने बच्चों को दिया Innovation और Confidence का मंच

राष्ट्रीय स्तर की CODE BOT Championship में महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों ने Robo Race, Bot Combat, Fastest Line Follower, Innovation Challenge, Robo Soccer और Drone Racing जैसी छह प्रतिस्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

SKD Academy के प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं का महत्व केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है। ये बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करती हैं और Innovation की वह ‘Spark’ पैदा करती हैं, जो आगे चलकर किसी बड़े आविष्कार या तकनीकी समाधान का आधार बन सकती है।

उन्होंने कहा, “बच्चों को कम उम्र में सही exposure, competitive environment और encouragement मिले तो उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों का विस्तार होता है। हर प्रतिभागी की कोशिश महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज प्रयोग करने वाले यही बच्चे कल भारत के innovators और technology creators बनेंगे।”

विद्यार्थियों के Innovations में दिखी भविष्य के भारत की झलक

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा विकसित तकनीकी एवं AI आधारित मॉडल्स ने विशेष रूप से प्रभावित किया। डॉ. सिंह ने Smart Highway City, Smart Bus Student Tracking System, AI-Powered Smart Irrigation & Fertigation System, Safe Pulse, Airdrop और Alert Systems सहित विभिन्न मॉडल्स एवं प्रोटोटाइप्स का अवलोकन किया।

उन्होंने प्रत्येक प्रोजेक्ट से जुड़े विद्यार्थियों से उसकी तकनीक, उपयोगिता एवं भविष्य की संभावनाओं पर संवाद किया। MiG-29 आधारित मॉडल के माध्यम से संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बीज और आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति जैसी संभावनाओं का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा।

विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच की प्रशंसा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि तकनीक का वास्तविक मूल्य तब है, जब वह किसी समस्या का समाधान प्रस्तुत करे। इतनी कम उम्र में बच्चों द्वारा Technology को Agriculture, Safety, Transportation और Emergency Response जैसी वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी अभिनव सोच और तकनीकी समझ का प्रमाण है।

“भविष्य Intelligent Machines का, लेकिन नियंत्रण मनुष्य के हाथ में रहे”

तकनीक के भविष्य को लेकर युवाओं से संवाद करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “भविष्य Intelligent Machines का है, लेकिन तकनीक सदैव मनुष्य के नियंत्रण में रहे—यह नई पीढ़ी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट करने तथा Reverse Engineering, Artificial Intelligence, Robotics और Advanced Digital Technologies में अपनी क्षमताएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. सिंह ने कहा कि भारत को केवल दुनिया में विकसित तकनीकों का उपयोग करने वाला देश नहीं रहना चाहिए। भारतीय युवाओं को ऐसी क्षमता विकसित करनी होगी कि वे बेहतर, सुरक्षित और स्वदेशी तकनीक एवं मशीनों का निर्माण कर सकें। भारत को Technology Consumer से Technology Creator बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

डॉ. राजेश्वर सिंह का Future-Ready Education विजन—सरोजनीनगर में धरातल पर दिख रहे परिणाम

शिक्षा को आधुनिक तकनीक और कौशल विकास से जोड़ने की डॉ. राजेश्वर सिंह की सोच सरोजनीनगर में किए जा रहे प्रयासों में भी दिखाई देती है। Digital Sarojini Nagar अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार किया गया है।

37 कॉलेजों में 450+ कंप्यूटर के साथ Digital Labs स्थापित की गई हैं, जबकि 44 विद्यालयों में Interactive Digital Boards के माध्यम से Smart Classrooms विकसित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2,000+ मेधावी विद्यार्थियों को laptops, tablets एवं digital education resources उपलब्ध कराए गए हैं।

साथ ही 8 विद्यालयों को IIT विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से जोड़कर AI-enabled digital study material एवं smart learning के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

डॉ. सिंह का मानना है कि भविष्य की शिक्षा केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि उसे बच्चों में critical thinking, creativity, technological competence और problem-solving ability विकसित करनी होगी। शिक्षा, तकनीक और कौशल का यही समन्वय नई पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

16 युवा प्रतिभाओं को पुरस्कार देकर बढ़ाया उत्साह

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 युवा प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विजेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों की मेहनत और प्रयोगधर्मिता की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सीखते और नवाचार करते रहने के लिए प्रेरित किया।

Robo Soccer में Indorama Public School विजेता तथा Seth Anandram Jaipuria School उपविजेता रहा। Robo Race में Virat Tripathi (CMS) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि Gaurav (Guru Kripa Divine Grace School), Ansh Singh (Seth Anandram Jaipuria School), Harsh Awasthi एवं Harsh Yadav (SKD Academy) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

Drone Racing Challenge में Varnan Singh (KR Mangalam School) विजेता रहे। Arnav Agarwal (La Martiniere School) एवं Hardik Pal (SKD Academy) को भी सम्मानित किया गया, जबकि Ashutosh, Ranveer Pathak एवं Anuj Maurya (SKD Academy) ने उपविजेता के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

तकनीक के साथ Creativity को भी प्रोत्साहन—₹5,000 में खरीदी विद्यार्थी की पेंटिंग

तकनीकी प्रतिभा के साथ कला और रचनात्मकता को भी समान महत्व देते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कार्यक्रम की Art Gallery का भ्रमण किया। विद्यार्थियों की कलाकृतियों की सराहना करते हुए उन्होंने एक प्रतिभागी की पेंटिंग ₹5,000 में क्रय कर युवा कलाकार का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर Shri Krishna Dutta Academy of Higher Education की छात्राओं रोहिणी मिश्रा एवं अदिति चौधरी ने डॉ. सिंह को अपनी बनाई पेंटिंग भेंट की।

कार्यक्रम में सी.एच. वैष्णव (CBO एवं Co-Founder, Aerobay), मनोज सिंह (पूर्व IPS अधिकारी), अंकित यादव (Joint General Manager, UP Metro), किरण यादव (Additional DCP, Cyber Crime), SKD सिंह (Chairman, SKD Group for Education), मनीष सिंह (Director, SKD Group of Education), निशा सिंह (Deputy Director, SKD Group of Education) एवं कुसुम बत्रा (Assistant Director, SKD Group of Education) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

“आज के युवा Innovators ही कल के आत्मनिर्भर भारत की तकनीकी शक्ति”

डॉ. राजेश्वर सिंह ने SKD Academy की पूरी टीम को इस उत्कृष्ट, भविष्यपरक और प्रेरणादायी आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि स्कूल स्तर पर Robotics, AI, Coding और Innovation को प्रोत्साहित करने वाले ऐसे मंच नई पीढ़ी के आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई ऊंचाई प्रदान करते हैं।

सभी युवा प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. सिंह ने कहा, “आज इन बच्चों के मॉडल्स में दिखाई दे रही Curiosity, Creativity और Innovation की Spark ही कल भारत की तकनीकी शक्ति बनेगी। हमारा लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो तकनीक का केवल उपयोग न करे, बल्कि तकनीक का निर्माण करे। तकनीक में सक्षम, वैज्ञानिक सोच से समृद्ध और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध युवा ही सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माता हैं।”

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