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गांव-गांव और अंतिम बस्ती तक पहुंच ने दी समस्याओं की गहरी समझ, हर सप्ताह मौके पर सामने आ रहे समाधान — डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में लगातार 183 सप्ताह से बिना किसी विराम के संचालित ‘आपका विधायक, आपके द्वार’ अभियान अपनी निरंतरता, व्यापकता और जनसरोकार के कारण किसी भी विधायक द्वारा संचालित सबसे अनूठे, प्रभावी और लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रमों में से एक बन चुका है। माननीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में अभियान की 183वीं कड़ी ग्राम नानमऊ में आयोजित हुई।
सरोजनीनगर के प्रत्येक गांव और गांवों की दूरस्थ बस्तियों तक अभियान की गहरी पहुंच ने न केवल जनता और जनप्रतिनिधि के बीच विश्वास को मजबूत किया है, बल्कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं, स्थानीय आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं की गहन समझ भी विकसित की है। प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम समस्याएं सुनने तक सीमित नहीं है—यह समस्याओं की पहचान, उनके नियमित अनुश्रवण और प्रभावी समाधान की एक निरंतर एवं जवाबदेह व्यवस्था बन चुका है।
किसी को बेहतर नजर, किसी को शिक्षा की राह, किसी को खेल का अवसर
अभियान के अंतर्गत नानमऊ में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, सड़क एवं नाली, साइकिल, लैपटॉप, स्मार्टफोन, विद्यालय में शिक्षकों की कमी तथा आयुष्मान कार्ड से संबंधित कुल 11 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें श्री हनुमान सिंह का आयुष्मान कार्ड तत्काल बनवाकर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित किया गया। शेष समस्याओं के प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
साप्ताहिक स्वास्थ्य शिविरों ने हजारों बुजुर्गों के जीवन में लौटाई मुस्कान और बेहतर दृष्टि
जनस्वास्थ्य को गांव की चौखट तक पहुंचाते हुए श्री साईं ऑप्टिकल के सहयोग से निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 100 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के आधार पर माननीय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की ओर से 80 जरूरतमंद बुजुर्गों को निःशुल्क चश्मे प्रदान किए जाएंगे।
‘आपका विधायक, आपके द्वार’ के अंतर्गत लगातार आयोजित स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविरों ने हजारों ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों, को समय पर जांच, परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई है। निःशुल्क नए चश्मों ने हजारों बुजुर्गों को केवल बेहतर दृष्टि ही नहीं दी, बल्कि उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता, सुविधा और मुस्कान भी लौटाई है।
हर गांव की मेधा की पहचान—साइकिल सम्मान बना अभियान का सबसे प्रेरक अध्याय
अभियान की सबसे विशिष्ट और प्रेरणादायी पहलों में प्रत्येक गांव के मेधावी छात्र-छात्राओं की निरंतर पहचान कर उन्हें साइकिल प्रदान करना शामिल है। यह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभा को सार्वजनिक सम्मान देने और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
नानमऊ में चार मेधावी विद्यार्थियों—कक्षा 12 की पलक (75.6%), कक्षा 10 के कृष्णा सविता (64%), कक्षा 12 की प्रियंका सिंह (76.4%) और कक्षा 10 के अविरल प्रताप सिंह (67%)—को साइकिल प्रदान की गईं।
इस सतत पहल ने गांवों के हजारों विद्यार्थियों में बेहतर प्रदर्शन की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नई आकांक्षा पैदा की है। विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ यह संदेश भी मजबूत हुआ है कि संसाधनों का अभाव किसी प्रतिभाशाली बच्चे की शिक्षा और प्रगति में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
खेल से अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व—दो नए यूथ क्लब गठित
ग्रामीण युवाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ने के लिए नानमऊ में 192वें बॉयज यूथ क्लब और 130वें गर्ल्स यूथ क्लब का गठन किया गया। बॉयज यूथ क्लब को क्रिकेट और वॉलीबॉल किट तथा गर्ल्स यूथ क्लब को कैरम, बैडमिंटन और वॉलीबॉल किट प्रदान की गईं।
इन यूथ क्लबों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने के साथ उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
जनसंवाद से जनविश्वास और जनसमस्याओं से स्थायी समाधान तक
‘आपका विधायक, आपके द्वार’ अब केवल एक साप्ताहिक शिविर नहीं, बल्कि जनसंवाद, जनविश्वास और जमीनी समाधान का सरोजनीनगर मॉडल बन चुका है। 183 सप्ताह की अभूतपूर्व निरंतरता ने यह सिद्ध किया है कि जब जनप्रतिनिधि नियमित रूप से जनता के बीच पहुंचता है, तो समस्याओं की वास्तविक प्रकृति समझ में आती है, विकास की सही प्राथमिकताएं सामने आती हैं और समाधान अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनते हैं।
डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में अभियान का मूल संकल्प स्पष्ट है—जनता की प्रत्येक समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझना, गांव की अंतिम बस्ती और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से सेवा को निरंतर समाधान में बदलना।