स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में प्रथम लखनऊ, उपलब्धि के उपलक्ष्य में कार्यशाला

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

– स्वच्छ हवा के लिए लगातार प्रयास जरूरी : मंत्री सुरेश खन्ना
– प्रथम स्थान हासिल करना गौरव के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी : मंत्री एके शर्मा
– एनसीएपी के तहत वायु गुणवत्ता सुधार में नगर निकायों की भूमिका पर हुआ मंथन, सहयोग करने वाले अधिकारियों को किया सम्मानित

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत बुधवार को आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 में लखनऊ नगर निगम को देश में प्रथम स्थान प्राप्त होने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में बुधवार को क्षमता संवर्धन एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने की। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना और विशिष्ट अतिथि नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री एके शर्मा ने किया। इस दौरान लखनऊ को देश में प्रथम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना ने लखनऊ की इस उपलब्धि के लिए नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी संबंधित विभागों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा शहर के हर नागरिक से जुड़ा विषय है और इसके लिए सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री एके शर्मा ने कहा कि लखनऊ का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान हासिल करना गौरव की बात है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु केवल नगर निगम या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि वन विभाग, यातायात विभाग, जिला प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों के सामूहिक प्रयास से ही वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि आगे भी इसी तरह मिलकर प्रयास करते हुए लखनऊ को स्वच्छ वायु के क्षेत्र में अग्रणी बनाए रखें।

महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान हासिल करना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि किसी एक विभाग या व्यक्ति के प्रयास का परिणाम नहीं, बल्कि सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, नगर निगम की पूरी टीम और लखनऊवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रैंक-1 मिलना मंजिल नहीं, बल्कि इसे बनाए रखना अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए जाम कम करने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर सख्ती, निर्माण की धूल पर नियंत्रण, सड़कों को बेहतर रखने, हरियाली बढ़ाने, स्वच्छ ईंधन और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करना होगा।

*प्रेजेंटेशन के जरिए वायु गुणवत्ता सुधार के उपाय बताए*
कार्यशाला का मुख्य विषय ‘एनसीएपी के अंतर्गत वायु गुणवत्ता सुधारने में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका’ रहा। इस दौरान पी.के. श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त अपर नगर आयुक्त/अपर निदेशक (प्रशिक्षण)/अपर मिशन निदेशक, एएमआरयूटी निदेशालय, नगरीय स्थानीय निकाय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से एनसीएपी के तहत वायु गुणवत्ता सुधारने में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका और प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।

*विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मिला सम्मान*
कार्यशाला के दौरान लखनऊ को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान दिलाने में सहयोग करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें मंडलायुक्त कार्यालय, जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी, लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधिकारी, पुलिस विभाग, प्रभागीय वन अधिकारी, जिला पूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिटी ट्रांसपोर्ट, ग्रीन गैस लिमिटेड, उज्ज्वला योजना के अधिकारी, बीपीसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक, एचपीसीएल के सेल्स मैनेजर, आईओसीएल के सहायक प्रबंधक, अपर नगर आयुक्तगण, जोनल अधिकारी, जोनल सेनेटरी ऑफिसर, एसएफआई, नगर निगम के पर्यावरण अभियंता एवं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कंसलटेंट (बी) शामिल रहे।

*दूसरे शहरों के लिए भी उपयोगी होगा संकलन*
कार्यक्रम के दौरान ‘Compendium of Best Management Practices under NCAP’ का विमोचन भी किया गया। इसमें एनसीएपी के तहत विभिन्न शहरों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अपनाई गई सफल कार्यप्रणालियों को शामिल किया गया है। इसमें सड़क की धूल पर नियंत्रण, वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कचरा प्रबंधन, खुले में कूड़ा जलाने पर रोक, हरित क्षेत्र बढ़ाने, तकनीक के इस्तेमाल और जन-जागरूकता जैसे क्षेत्रों की बेहतर कार्यप्रणालियां शामिल हैं। इस संकलन का उद्देश्य देश के दूसरे शहरों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इन सफल उपायों को अपनाने में मदद करना है, ताकि अलग-अलग शहरों में वायु गुणवत्ता को और बेहतर किया जा सके।

*नगर आयुक्त ने जताया आभार*
कार्यक्रम में कार्यकारिणी उपाध्यक्ष श्री सुशील तिवारी ‘पम्मी’ जी, नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार, डीएफओ श्री सितांशु पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रफुल्ल कुमार, आईएएस सुश्री श्वेता, आईएएस सुश्री अपराजिता, एसडीएम सदर श्री साहिल कुमार सहित नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे भी जारी रखने और सभी विभागों के सहयोग से लखनऊ की इस उपलब्धि को बनाए रखने की बात कही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *