यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
सरोजनी नगर में हम मौसम के बदलते मिज़ाज को सिर्फ महसूस नहीं कर रहे, बल्कि अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उसका असर देख रहे हैंविधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने कहा कि
कभी 45°C के करीब पहुँचती गर्मी, कभी सर्दियों में अचानक कड़ाके की ठंड और शीतलहर, कभी बारिश के लिए लंबा इंतज़ार और फिर कुछ ही घंटों में मूसलाधार बारिश व जलभराव।
दुनिया के आँकड़े भी इसी बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा—वैश्विक औसत तापमान औद्योगिक-पूर्व स्तर से लगभग 1.55°C ऊपर रहा। वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान में हर 1°C वृद्धि पर वातावरण लगभग 7% अधिक जलवाष्प धारण कर सकता है, जिससे अत्यधिक बारिश की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
लेकिन जलवायु परिवर्तन का मतलब केवल गर्मी नहीं है। बदलते मौसम के बीच अत्यधिक ठंड और शीतलहर की घटनाएँ भी लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। यानी समस्या केवल तापमान के बढ़ने की नहीं, मौसम के अधिक अनिश्चित और चरम होने की है।
इसका सबसे बड़ा असर आम परिवार पर पड़ता है—किसान की फसल पर, मजदूर की रोज़ी पर, बच्चे की पढ़ाई पर, बुज़ुर्ग की सेहत पर और हमारे शहरों की सड़कों व जलनिकासी व्यवस्था पर।
एक जनप्रतिनिधि के रूप में हमारा संकल्प है कि विकास और पर्यावरण को साथ लेकर सरोजनी नगर को ऐसा क्षेत्र बनाएं जहाँ हरित क्षेत्र बढ़ें, वर्षाजल की हर बूंद सहेजी जाए, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिले और हमारे स्कूल, गाँव, सोसाइटी, टाउनशिप और उद्योग मिलकरनेट जीरो की दिशा में आगे बढ़ें।
नेट जीरो सरोजनी नगर 2040 हमारे लिए केवल पर्यावरण का अभियान नहीं है—यह उस सरोजनी नगर की कल्पना है जिसे हम अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और रहने योग्य छोड़ना चाहते हैं।