यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
कोंच बुआई का समय सिर पर है लेकिन खाद की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए केंद्रों पर उपलब्ध स्टॉक भी राहत नहीं दे पा रहा है। खाद केंद्रों पर डीएपी, यूरिया और एनपीके की पर्याप्त मात्रा होने के बावजूद वितरण की अव्यवस्था के चलते किसान कई-कई दिनों से केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं किसानों के कागज जमा नहीं हो पा रहे हैं तो कहीं कागज जमा होने के बाद भी खाद के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
मंडी स्थित पीसीएफ खाद केंद्र पर करीब 400 बोरी डीएपी, 1700 बोरी यूरिया और 180 बोरी एनपीके उपलब्ध होने की जानकारी केंद्र प्रभारी कमलेश कुमार ने दी। वहीं क्रय-विक्रय केंद्र प्रभारी उषा तिवारी के मुताबिक उनके केंद्र पर करीब 250 बोरी डीएपी, 400 बोरी एनपीके और 150 बोरी यूरिया मौजूद है।बी-पैक्स जुझारपुरा के खाद प्रभारी महेंद्र झा ने बताया कि केंद्र पर करीब 800 बोरी डीएपी, 1350 बोरी यूरिया और 400 बोरी एनपीके उपलब्ध है। इस केंद्र पर केवल खाताधारक किसानों को ही खाद वितरित की जा रही है। केंद्रों पर खाद का स्टॉक मौजूद होने के बावजूद किसानों को इसके लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। कई किसान कई दिनों से लगातार केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तो वितरण की व्यवस्था भी ऐसी होनी चाहिए, जिससे उन्हें बेवजह परेशान न होना पड़े।
*’खाद बाद में, पहले पानी और दलदल की परीक्षा पास करो’*
_*कोंच।* मंडी स्थित पीसीएफ खाद केंद्र पर किसानों को खाद से पहले जलभराव और दलदल की परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। केंद्र परिसर में पर्ची काउंटर से लेकर खाद भंडारण गोदाम के बाहर तक बारिश का पानी भरा है। हालात ऐसे हैं कि किसानों के खड़े होने तक की जगह नहीं बची है। मजबूरी में किसान पानी में घुसकर केंद्र तक पहुंच रहे हैं और घंटों कीचड़ व दलदल के बीच लाइन में खड़े होकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कई दिनों से खाद के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं, ऊपर से केंद्र की बदहाल स्थिति ने परेशानी और बढ़ा दी है। पानी और दलदल के बीच लाइन में खड़े रहना जोखिम भरा है।_