यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
प्रांतीय ब्यूरो प्रमुख जितेंद्र सैनी
लखनऊ। राजधानी के आलमनगर क्षेत्र से कानून व्यवस्था और अदालती आदेशों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
*स्थानीय सूत्रों और शिकायतों के मुताबिक,क्षेत्र में सक्रिय दबंग बिल्डर और उसके मुख्य सहयोगी द्वारा न्यायालय के आदेशों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है।*
आरोप है कि विवादित और सीलशुदा *राजस्व विभाग की संपत्ति* पर इन दबंगों द्वारा न सिर्फ अवैध रूप से कब्जा किया गया है,बल्कि कोर्ट में मुकदमा लंबित होने के बावजूद वहां धड़ल्ले से मकान बनाकर बेचे जा रहे हैं।
*कोर्ट के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस संपत्ति पर माननीय न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने या सीलिंग की कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं,वहां बिना किसी कानूनी अनुमति के धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है।*
अदालती रोक *(Stay Order)* और प्रशासन की सीलिंग को पूरी तरह दरकिनार कर यह अवैध खेल खेला जा रहा है, जिससे न्यायपालिका की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्या एलडीए (LDA) और तालकटोरा पुलिस की है मिली भगत?इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है।
*सूत्रों की मानें तो यह अवैध निर्माण और कब्जा तालकटोरा थाना पुलिस की कथित शह और मौन सहमति से चल रहा है।*
जनता के बीच यह चर्चा आम है कि क्या लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और स्थानीय पुलिस की मिली भगत के कारण ही इन दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।
*जनता से अपील और सतर्कता की जरूरत इस विवादित राजस्व विभाग की संपत्ति पर बनाए जा रहे अवैध मकानों को सीधे-साधे नागरिकों को झांसा देकर बेचा जा रहा है।*
ऐसे में आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे आलमनगर क्षेत्र में किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले उसके कागजात, एलडीए *(LDA)* से पास नक्शा और कोर्ट के स्टेटस की अच्छी तरह जांच कर लें,अन्यथा वे बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।