यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से उत्तर प्रदेश को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश यानी एफ डी आई का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए “मिशन एफ डी आई यूपी शुरू करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में डॉ. सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन और निवेशक सुविधा के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। आज उत्तर प्रदेश के पास भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता आधार, विशाल मानव संसाधन, बेहतर होती लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, राजनीतिक स्थिरता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन है।
डी पी आई आई टी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि अक्टूबर 2019 से दिसंबर 2025 तक भारत में एफ डी आई इक्विटी निवेश कुछ चुनिंदा राज्यों में अत्यधिक केंद्रित रहा है। इस अवधि में महाराष्ट्र को ₹8.31 लाख करोड़, कर्नाटक को ₹5.42 लाख करोड़, गुजरात को ₹3.91 लाख करोड़, दिल्ली को ₹3.26 लाख करोड़, तमिलनाडु को ₹1.49 लाख करोड़, हरियाणा को ₹1.35 लाख करोड़ और तेलंगाना को ₹1.01 लाख करोड़ का एफ डी आई प्राप्त हुआ, जबकि उत्तर प्रदेश को ₹23,158 करोड़, अर्थात राज्यवार FDI इक्विटी निवेश का लगभग 1% प्राप्त हुआ।
डॉ. सिंह ने कहा कि यह अंतर क्षमता की कमी के कारण नहीं है। उत्तर प्रदेश के पास स्केल, बाजार, भूमि, श्रमशक्ति और कनेक्टिविटी — सभी उपलब्ध हैं। वास्तविक चुनौती इस क्षमता को निवेशक विश्वास, वैश्विक ब्रांडिंग, सेक्टर-विशिष्ट क्लस्टर्स और तेजी से प्रोजेक्ट ग्राउंडिंग में बदलने की है।
उन्होंने पांच प्रमुख सुझाव दिए — मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर वॉर रूम का गठन, देशवार और कंपनीवार एफ डी आई रणनीति, सेक्टर-विशिष्ट वैश्विक क्लस्टर्स और एफ डी आई रेडी जिलों का विकास, एंकर-प्लस-सप्लायर और स्किल इकोसिस्टम को बढ़ावा, तथा ग्लोबल ब्रांडिंग, प्रवासी भारतीय संपर्क और इन्वेस्टर आफ्टरकेयर को मजबूत करना।
डॉ. सिंह ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश को जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, यू ए ई सिंगापुर और ताइवान जैसे देशों पर केंद्रित रणनीति बनानी चाहिए। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ईवी डिफेंस, एयरोस्पेस, डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति तटीय और पुराने औद्योगिक राज्यों को कुछ बढ़त अवश्य देती है, लेकिन सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल और तेज क्रियान्वयन आर्थिक भाग्य बदल सकते हैं। उत्तर प्रदेश की अगली छलांग जनसंख्या से उत्पादकता, एम ओ यू से मैन्युफैक्चरिंग और निवेश घोषणाओं से वास्तविक फैक्ट्रियों, निर्यात, सर्विस सेंटर्स और रोजगार सृजन की ओर होनी चाहिए।
डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। इसलिए “मिशन एफ डी आई यूपी को प्राथमिक आर्थिक मिशन के रूप में अपनाते हुए अगले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश को भारत के शीर्ष पांच एफ डी आई गंतव्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।