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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
“ऋषि का सद्ज्ञान नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” -उमानन्द शर्मा
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “चन्द्रा हॉस्पीटल एण्ड रिसर्च सेंटर नर्सिंग कॉलेज, सफेदाबाद, बाराबंकी, उ०प्र०” के सन्दर्भ पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 466वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। यह सम्पूर्ण साहित्य पुत्रवधु श्रीमती किरन श्रीवास्तव एवं पुत्र श्री ओ०पी० श्रीवास्तव ने अपने पूज्य माता-पिता स्व० श्रीमती प्रेमलता श्रीवास्तव एवं स्व० श्री भृगुनाथ सहाय की स्मृति में ज्ञानदान के रुप में उपरोक्त संस्थान के केन्द्रीय पुस्तकालय में युगऋषि वाङ्मय साहित्य तथा संकाय सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भी भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्ज्ञान नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।” संस्थान के प्रधानाचार्य श्री अभिषेक नोएल डेनियल ने भी अपने विचार रखे एवं प्रशासनिक अधिकारी श्री अमित ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्रीमती सरोज श्रीवास्तव, श्री अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव एवं संस्थान के प्रधानाचार्य श्री अभिषेक नोएल डेनियल, प्रशासनिक अधिकारी श्री अमित सहित संकाय सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।