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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी
वित्तीय साक्षरता महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आर्थिक सुरक्षा और बेहतर निर्णय लेने का आत्मविश्वास देती है — डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ के अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में सोमवार को फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया तथा फिनएक्स–सीआईईएल के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश वित्तीय साक्षरता जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने छात्राओं से संवाद किया तथा वित्तीय साक्षरता, डिजिटल दक्षता, साइबर सुरक्षा और भविष्य के रोजगारों के लिए कौशल विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल बचत और निवेश की जानकारी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य की आधारशिला है। आय का नियोजन, बजट निर्माण, बैंकिंग, बीमा, ऋण, म्यूचुअल फंड, व्यवस्थित निवेश योजना (SIP), जोखिम और प्रतिफल की समझ प्रत्येक युवा के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार के संसाधनों और बजट का अत्यंत कुशलता से प्रबंधन करती हैं। यदि उनकी इस स्वाभाविक क्षमता को आधुनिक वित्तीय ज्ञान, निवेश की समझ और डिजिटल साधनों से जोड़ा जाए, तो वे न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि पूरे परिवार और समाज की आर्थिक प्रगति का माध्यम बनेंगी।
छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा, “आपको अपने माता-पिता के सहयोग और श्रेष्ठ शिक्षकों के मार्गदर्शन में अच्छे संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। इसलिए आपकी जिम्मेदारी केवल स्वयं जागरूक होने तक सीमित नहीं है। आप अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों तक भी वित्तीय समझ एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार का संदेश पहुंचाएं।”
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अनिवार्य
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि आज बैंकिंग, निवेश, खरीदारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सहित जीवन की लगभग प्रत्येक महत्वपूर्ण सेवा डिजिटल माध्यम से जुड़ चुकी है। डिजिटल तकनीक ने सुविधाएं बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में इससे संबंधित करीब 2.5 लाख शिकायतें दर्ज हुई थीं, जबकि अगस्त 2026 तक यह संख्या लगभग 32 लाख तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल साक्षरता अब विकल्प नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की अनिवार्य आवश्यकता है।
उन्होंने छात्राओं से “Pause, Verify and Report” के मंत्र को अपनाने, OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने का आह्वान किया।
डॉ. सिंह ने कहा, “हर छात्रा वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा की राजदूत बने। यदि एक जागरूक बेटी अपने परिवार के दस लोगों को प्रशिक्षित करती है, तो यह अभियान एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है।”
कॉलेज के विकास के लिए ₹10 लाख की सहायता
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में छात्राओं की सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों के विस्तार के लिए CSR के माध्यम से ₹10 लाख की सहायता प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कॉलेज की डिजिटल साक्षरता प्रयोगशाला को अधिक आधुनिक और उपयोगी बनाने में सहयोग का संकल्प भी व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की समझ आज शिक्षा का अभिन्न अंग है। सशक्त डिजिटल प्रयोगशाला छात्राओं को कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगी।
डॉ. सिंह ने कॉलेज की प्राचार्या डॉ. बीना राय तथा समस्त कॉलेज परिवार की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
सरोजनीनगर में शिक्षा और डिजिटल समावेशन सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और युवाओं को आधुनिक अवसरों से जोड़ना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्र के 70 से अधिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं और डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना की दिशा में कार्य किया गया है, ताकि संसाधनों की कमी किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और प्रगति में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और नई तकनीकों के कारण रोजगार का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। भविष्य में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं होगी; युवाओं को लगातार अपस्किल और रीस्किल करते हुए तकनीकी, वित्तीय एवं रोजगारपरक क्षमताओं का विकास करना होगा।
उन्होंने छात्राओं से तकनीक को केवल मनोरंजन या सुविधा का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, नवाचार, रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने का आह्वान किया।
21 नगरों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान
डॉ. राजेश्वर सिंह ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखने वाली संस्था द्वारा युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं, तक निवेश और वित्तीय प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी पहुंचाना अत्यंत उपयोगी प्रयास है।
कार्यक्रम में छात्राओं को म्यूचुअल फंड, SIP, बैंकिंग, बचत, निवेश, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय नियोजन जैसे विषयों की जानकारी दी गई। लखनऊ से प्रारंभ हुआ यह अभियान प्रदेश के 21 नगरों एवं शहरों से गुजरते हुए अयोध्या में संपन्न होगा।
कार्यक्रम में फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया के अध्यक्ष अविनाश सतवालकर, डायरेक्टर–सेल्स एनेबलमेंट जुज़ेर तंबावाला, एसोसिएट डायरेक्टर एवं हेड–सेल्स सिद्धार्थ भट्टाचार्य तथा फिनएक्स–सीआईईएल के डायरेक्टर एवं हेड–इन्वेस्टर अवेयरनेस ट्रेनिंग निकुंज शर्मा सहित कॉलेज के शिक्षक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने छात्राओं से आह्वान किया:
“जागरूक और आर्थिक रूप से सशक्त बेटी केवल अपना भविष्य नहीं संवारती, वह पूरे परिवार की सुरक्षा, समृद्धि और प्रगति की आधारशिला बनती है। स्वयं वित्तीय एवं डिजिटल रूप से जागरूक बनें और इस ज्ञान को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाएं।”