आज केशव कुंज, नई दिल्ली स्थित आर एस एस मुख्यालय के सामने मनुस्मृति की प्रतियां और आर एस एस की ड्रेस जलाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

डॉ. उदित राज सहित कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026

हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान तथा इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के विरुद्ध FIR दर्ज किए जाने के विरोध में आज डॉ. उदित राज (पूर्व सांसद), राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस, राष्ट्रीय चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डोमा परिसंघ, के नेतृत्व में RSS मुख्यालय के सामने सैकड़ों साथियों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने RSS की ड्रेस और मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए—

“देश मनुस्मृति से नहीं, भारतीय संविधान से चलेगा।”

डॉ. उदित राज ने कहा कि एक ओर संविधान, सामाजिक समानता और सम्मान खत्म करने की साजिश
हो रही है और दूसरी ओर इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही FIR दर्ज की जा रही है। यह स्थिति “एक तो चोरी, ऊपर से सीनाज़ोरी” वाली कहावत को चरितार्थ करती है।

डॉ. उदित राज जी ने कहा कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा सभा स्थल का “शुद्धिकरण” कराया गया और बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया।

इस घटना के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने आवाज उठाई और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई तथा FIR दर्ज करने की मांग की। लेकिन दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय श्री राहुल गांधी के खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई, जो लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास है।

डॉ. उदित राज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जाति के आधार पर अपमान केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। यह संविधान में निहित समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर भी हमला है।

RSS मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे डॉ. उदित राज सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर पहाड़गंज थाने पहुंचाया। ऐसी कार्रवाई से संविधान, समानता, सामाजिक न्याय और सम्मान की रक्षा के लिए चल रही आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

“हम संविधान की रक्षा, सामाजिक समानता और प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए अपनी आवाज पहले से भी अधिक बुलंद करेंगे।

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