कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव बना शिक्षक दिवस

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

उप संपादक संजय मिश्रा

*अलीगढ़*।कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षक दिवस अत्यंत उत्साह,सम्मान एवं भावनात्मक वातावरण के बीच मनाया गया।इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा आयोजित विशेष प्रार्थना सभा ने गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की अनूठी मिसाल प्रस्तुत की।कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल,प्रो.वाइस चेयरमैन अनंत अग्रवाल, प्रधानाचार्या नंदिनी सिंह एवं प्रबंधन परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए शिक्षकों के समाज निर्माण में योगदान को नमन किया।विशेष सभा का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ,जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा और भक्ति से सराबोर कर दिया।इसके पश्चात विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में प्रेरणादायी भाषण, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियाँ तथा एक भावपूर्ण नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। इस दौरान सभी प्रस्तुतियों ने गुरु के महत्व,शिक्षा के मूल्यों तथा शिक्षक विद्यार्थी के संबंधों की गरिमा को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब विद्यार्थी अपने प्रिय शिक्षकों का रूप धारण कर विद्यालय आए।उन्होंने शिक्षकों की वेशभूषा,व्यक्तित्व,पढ़ाने की शैली और व्यवहार को अत्यंत आत्मीयता एवं सृजनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया।इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को शिक्षकों के दायित्व,अनुशासन, समर्पण और परिश्रम को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया। विद्यालय परिसर पूरे दिन उत्साह, मुस्कान और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।विद्यालय के चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान का संचार नहीं करता,बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व,चरित्र और भविष्य का निर्माण करता है।इतना ही नहीं शिक्षक दिवस हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान,कृतज्ञता और आजीवन सीखने की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।प्रो. वाइस चेयरमैन अनंत अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं,बल्कि ऐसे संस्कार प्रदान करना भी है,जिनसे वे अपने शिक्षकों,अभिभावकों और समाज के प्रति सम्मान एवं उत्तरदायित्व का भाव विकसित करें।विद्यालय की प्रधानाचार्या नंदिनी सिंह ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित प्रेम,सम्मान और आत्मीयता प्रत्येक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों की भी प्रशंसा की।कार्यक्रम का समापन सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए हुआ।शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक उत्सव नहीं,बल्कि गुरु-शिष्य संबंधों की पवित्रता,भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और शिक्षा के महत्व को आत्मसात करने का प्रेरणादायी अवसर सिद्ध हुआ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *