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8 सितंबर को 18वें रण बहादुर सिंह डिजिटल केंद्र से कौशल प्रशिक्षण का विस्तार, 9 सितंबर को 1,000+ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर – डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ। सरोजिनी नगर के युवाओं को प्रशिक्षण से रोजगार और रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ भारत रोजगार सेवा द्वारा, डॉ. राजेश्वर सिंह जी, विधायक सरोजिनी नगर के नेतृत्व में ‘भारत रोजगार महोत्सव — लखनऊ संस्करण-2’ का आयोजन किया गया। दूसरे चरण में 250 से अधिक अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हुए। यह चरण विशेष रूप से उन युवाओं के लिए आयोजित किया गया, जो 2 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश अथवा अन्य अपरिहार्य कारणों से रोजगार महोत्सव में शामिल नहीं हो सके थे।
रोजगार महोत्सव के प्रथम चरण में 2 सितंबर को भारी बारिश के बावजूद 817 युवाओं ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 250 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। बारिश के कारण जो युवा उस दिन अवसर से वंचित रह गए, उनके लिए दूसरा चरण आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक युवाओं के साक्षात्कार हुए।
दोनों चरणों को मिलाकर 1,000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल केवल एक दिन रोजगार मेला आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार, कौशल उन्नयन अथवा उद्यमिता से जोड़ने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है।
इस रोजगार पहल की मजबूत कड़ी रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केंद्र हैं, जहाँ अब तक 1,250 से अधिक युवाओं को निःशुल्क डिजिटल एवं व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 8 सितंबर को 18वें केंद्र के शुभारंभ के साथ सरोजिनी नगर में कौशल विकास के अवसरों का और विस्तार हुआ है।
रोजगार महोत्सव में भाग लेने वाले अधिकांश अभ्यर्थी इन केंद्रों से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवा थे। इस प्रकार यह पहल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार अवसरों से जोड़ने वाले एक व्यवस्थित मॉडल के रूप में सामने आ रही है—पहले कौशल, फिर उद्योग की आवश्यकता के अनुरूप अवसर और उसके बाद रोजगार से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग।
9 सितंबर को आयोजित रोजगार महोत्सव के माध्यम से 1,000+ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टाटा मोटर्स, अडानी, एयरटेल और सैमसंग सहित देश की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
रोजगार महोत्सव में ट्रेनी, डेटा एंट्री ऑपरेटर, वायरमैन, स्मार्ट मीटर इंस्टॉलर, प्रमोटर, स्टीवर्ड तथा फील्ड सेल्स एग्जीक्यूटिव सहित विभिन्न पदों के लिए अवसर उपलब्ध कराए गए। तीन साक्षात्कार केंद्रों पर ‘एक अभ्यर्थी—एक साक्षात्कार’ मॉडल के माध्यम से अभ्यर्थियों की योग्यता, कौशल और अनुभव का आकलन कर उनके लिए उपयुक्त रोजगार अवसर चिन्हित किए गए। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें उपलब्ध रोजगार अवसरों, आवश्यक योग्यताओं और उद्योग की बदलती जरूरतों से भी परिचित कराना है।
दोनों चरणों के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। चयनित युवाओं की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जबकि चयनित न हो पाने वाले युवाओं की कौशल, योग्यता, रुचि और रोजगार की आवश्यकता का आकलन किया जाएगा।
जिन युवाओं को अतिरिक्त कौशल की आवश्यकता होगी, उन्हें रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क अपस्किलिंग एवं पुनःप्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें आगामी रोजगार मेले में कंपनियों के समक्ष दोबारा अवसर दिया जाएगा। इस प्रकार प्रशिक्षण, साक्षात्कार, कौशल उन्नयन और पुनः अवसर का निरंतर रोजगार चक्र स्थापित किया जा रहा है।
चयन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान करने के लिए शीघ्र ही एक पृथक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
ऐसे युवा जो तत्काल नौकरी के लिए उपयुक्त नहीं हैं, लेकिन उनमें आगे बढ़ने की क्षमता है अथवा जो स्वयं का उद्यम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए Entrepreneurship Development Programme (EDP) के माध्यम से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उद्यम की स्थापना, व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता, बाजार से जुड़ाव तथा सरकार की स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन शामिल होगा। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार देने वाला युवा बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
डॉ. राजेश्वर सिंह जी ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य रोजगार मेला लगाकर संख्या गिनना नहीं, बल्कि प्रत्येक युवा के भविष्य की जिम्मेदारी लेना है। 2 सितम्बर को भारी बारिश के बावजूद 817 युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। जो युवा बारिश या अन्य कारणों से उस दिन नहीं पहुँच पाए थे, उनके लिए हमने दूसरा अवसर सुनिश्चित किया और आज 200 से अधिक साक्षात्कार हुए हैं। अब हम दोनों संस्करणों के प्रत्येक अभ्यर्थी की समीक्षा करेंगे। हमारा प्रयास है कि साक्षात्कार देने वाला कोई भी युवा प्रक्रिया के बीच में न छूटे।
जिस युवा को नौकरी के लिए अतिरिक्त कौशल चाहिए, उसे प्रशिक्षित करेंगे; जिसे रोजगार का अवसर चाहिए, उसे नियोक्ता से जोड़ेंगे; और जो युवा तत्काल नौकरी के लिए उपयुक्त नहीं है, लेकिन उसमें आगे बढ़ने की क्षमता है, उसे उद्यमिता का प्रशिक्षण देकर रोजगार मांगने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाने का प्रयास करेंगे। सरोजिनी नगर में हमारा संकल्प है—कौशल से रोजगार, रोजगार से आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता से उद्यमिता।”
यह पहल एक बार के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी। सरोजिनी नगर में प्रत्येक माह रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवाओं को नियमित रूप से रोजगार के अवसर, उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं और विभिन्न नौकरियों के लिए जरूरी कौशल की जानकारी मिलती रहे।
आयोजन के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए क्यूआर पंजीकरण डेस्क, प्रतीक्षा क्षेत्र, जलपान, वाटरप्रूफ टेंट तथा मतदाता पहचान-पत्र सहायता डेस्क की व्यवस्था की गई। भारी वर्षा को देखते हुए अतिरिक्त आश्रय एवं बैठने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
पूरी चयन प्रक्रिया निःशुल्क रही। किसी भी अभ्यर्थी से नौकरी, पंजीकरण अथवा चयन के नाम पर कोई शुल्क, सेवा-शुल्क, डिपॉजिट या कमीशन नहीं लिया गया।
डॉ. राजेश्वर सिंह जी ने रोजगार महोत्सव को सफल बनाने वाले सभी नियोक्ता संस्थानों, औद्योगिक प्रतिनिधियों, भारत रोजगार सेवा की टीम, रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं सशक्तिकरण केंद्रों के प्रशिक्षकों तथा समर्पित स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के बावजूद सभी ने युवाओं के भविष्य के लिए जिस सेवा-भाव और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया, वह सराहनीय है।
दोनों चरणों के अभ्यर्थियों की समीक्षा के बाद भारत रोजगार महोत्सव का अगला संस्करण शीघ्र आयोजित किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहे और सरोजिनी नगर का कोई भी योग्य युवा अवसर से वंचित न रहे।