पीडीए की राजनीति करने वालों को स्टेट गेस्ट हाउस कांड का इतिहास भी याद रखना चाहिए: डॉ. राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

900 करोड़ से 5,000 करोड़ तक पहुँचा लखनऊ नगर निगम का बजट, 10 हजार करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य: डॉ. राजेश्वर सिंह

‘माफियाराज की वापसी चाहने वालों से सतर्क रहे जनता’, योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर डॉ. राजेश्वर सिंह का विपक्ष पर हमला

लखनऊ। समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाते हुए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने चाय पर चर्चा के दौरान वर्ष 1995 के बहुचर्चित स्टेट गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज जो लोग पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की बात करते हैं, उन्हें अपने राजनीतिक अतीत का भी आत्ममंथन करना चाहिए।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के साथ लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस प्रकरण में एक दलित महिला मुख्यमंत्री की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। उनके मुताबिक, सामाजिक न्याय की राजनीति करने वालों को यह बताना चाहिए कि उस दौर में दलित नेतृत्व के साथ ऐसा व्यवहार कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि आचरण, विचार और व्यवहार में दिखाई देने वाली प्रतिबद्धता है। वंचित वर्गों के अधिकारों की बात करने वाले राजनीतिक दलों की विश्वसनीयता उनके इतिहास और कार्यशैली से भी तय होती है। डॉ. सिंह ने विपक्ष की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को केवल नारों के आधार पर नहीं बल्कि राजनीतिक दलों के वास्तविक व्यवहार और उनके शासनकाल के रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।

बजट बढ़ेगा तो विकास की गंगा बहेगी

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों के लिए संसाधनों का विस्तार हुआ है। लखनऊ के विकास को और गति देने के उद्देश्य से नगर निगम के बजट को बढ़ाया गया और भविष्य में यह आंकड़ा 10,000 करोड़ तक पहुंचेगा। डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार जब प्रदेश में योगी सरकार ने पहली बार सत्ता संभाली थी, तब लखनऊ नगर निगम का बजट लगभग 900 करोड़ था। उस समय करीब 500 करोड़ वेतन और पेंशन जैसे मदों में व्यय हो जाते थे जिससे विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। उन्होंने कहा कि नगर निगम के बजट में वृद्धि से सड़कों, नालियों, जलनिकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएँ मजबूत हुई हैं।

डा. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर में पिछले चार वर्षों के दौरान 2,000 से अधिक सड़कों के निर्माण का कार्य हुआ है। जिन क्षेत्रों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहाँ भी विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया गया है। प्रदेश के व्यापक आर्थिक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट वर्ष 2025–26 में लगभग ₹8.09 लाख करोड़ था, जो वर्ष 2026–27 में बढ़कर लगभग ₹9.13 लाख करोड़ हो गया।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स पार्क, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और अन्य परियोजनाओं से आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ें और क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएँ अधिक सुदृढ़ हों।

माफियाराज की वापसी चाहने वालों से सतर्क रहे जनता

डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने माफियाराज और अपराध के भय से निकलकर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौर में अपराधियों का प्रभाव था और महिलाओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ थीं। डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और अपराध के प्रति कठोर नीति के कारण प्रदेश में संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई तेज हुई। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों पर कार्रवाई से भय का वातावरण कम हुआ है और व्यापारी पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित माहौल में कारोबार कर पा रहे हैं।

प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों के सरकारी आँकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 से मई 2026 तक 17,043 मुठभेड़ अभियानों में 289 अपराधियों की मृत्यु हुई और 34,253 लोगों को गिरफ्तार किया गया। डॉ. सिंह ने अपराधियों के विरुद्ध अभियान को सरकार की कठोर नीति का परिणाम बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक प्रयासों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, जिनसे उनके अनुसार अपराधियों का प्रभाव दोबारा बढ़ सकता है। उन्होंने मतदाताओं से कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की अपील की।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश की प्रगति के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है। हमारा लक्ष्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहाँ महिलाएँ निर्भय होकर आगे बढ़ें, व्यापारी बिना भय के व्यवसाय करें और युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अधिक अवसर मिलें।

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