दुनिया की आर्थिक ताकत बनने को तैयार भारत : डा. राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

भारत फिर बनेगा सोने की चिड़िया, आर्यकुल के ‘नवरंग-2026’ में बोलते हुए डा. राजेश्वर सिंह का बयान

लखनऊ। आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में 10वें ‘नवरंग-2026’ डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए डा. राजेश्वर सिंह ने आधुनिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण को आवश्यक बताया।

महोत्सव में भारतीय संस्कृति, परंपरा और लोककला का मनोहारी संगम देखने को मिला। आयोजन का प्रमुख आकर्षण आर्यकुल के चार सदनों वल्लभी, उज्जैन, तक्षशिला और नालंदा के मध्य आयोजित डांडिया प्रतियोगिता रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और नागरिक स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 10 वर्षों में 80 हजार से अधिक अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है तथा 17 हजार से अधिक पुलिस मुठभेड़ों में 24 हजार से अधिक अपराधी घायल हुए हैं। उन्होंने युवाओं को भविष्य की उभरती संभावनाओं से परिचित कराते हुए वैश्विक स्तर पर तेजी से विकसित हो रहे दीर्घायु विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोटेक्नोलॉजी को अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय इन क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी दक्षता का होगा। युवाओं को अभी से इन विषयों में ज्ञान एवं कौशल विकसित कर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. राजेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक उस दीपक के समान होता है जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है क्योंकि वही आने वाली पीढ़ियों के विचार चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं। डा. राजेश्वर सिंह ने कहा कि एक समय भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन उसकी अपार संपदा ने विदेशी आक्रांताओं को आकर्षित किया और देश को बार-बार लूटा गया। आज भारत फिर उसी गौरवशाली आर्थिक सामर्थ्य को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आर्थिक शक्ति केवल समृद्धि का प्रतीक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता का मजबूत आधार भी है। यदि देश की अर्थव्यवस्था सशक्त नहीं होगी तो हम अपनी सुरक्षा और सामरिक हितों की प्रभावी रक्षा नहीं कर पाएंगे। इसलिए आत्मनिर्भर, समृद्ध और आर्थिक रूप से शक्तिशाली भारत का निर्माण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, उनके मार्गदर्शक शिक्षकों तथा आयोजन से जुड़े समस्त सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में वीबीयूएसएस, अवध प्रांत के क्षेत्र संयोजक एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. श्री जयशंकर प्रसाद पांडेय जी, प्रांतीय अध्यक्ष एवं बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. श्री सुभाष मिश्र जी, प्रांतीय सचिव डॉ. श्री मंजुल त्रिवेदी जी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं आर्यकुल ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंध निदेशक डॉ. श्री सशक्त सिंह जी, प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रो. श्री सुनीता कुमार जी, डॉ. श्री शीर्षेन्दु शील त्रिवेदी जी, डॉ. श्री अभिषेक तिवारी जी, डॉ. श्री सुजीत चतुर्वेदी जी एवं डॉ. रुचिता चौधरी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों में बंथरा नगर पंचायत के चेयरमैन प्रतिनिधि श्री रंजीत रावत जी, पार्षदगण श्री कौशलेन्द्र द्विवेदी जी, श्री बृजमोहन शर्मा (मुकेश) जी, श्रीमती गीता देवी गुप्ता जी, श्री लवकुश रावत जी, श्री के.एन. सिंह जी उपस्थित रहे।

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