यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
बिहार में राजस्वकर्मियों की 9 मार्च से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त हो गई है. बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने 9 मार्च 2026 से चली आ रही अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश यानी हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है. यह फैसला आम जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. अब सभी राजस्व कर्मी 4 मई 2026 से अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे.संयुक्त मोर्चा के महासचिव रजनीश कांत में बताया कि राज्य सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए यह कदम उठाया गया है. सरकार राजस्व सेवा संवर्ग को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में जल्द ही सकारात्मक और ठोस पहल करेगी. इसके साथ ही 5 मार्च 2026 को सौंपे गए 11 सूत्री मांग पत्र पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है.
“संयुक्त मोर्चा ने अपनी प्रमुख मांगों में भूमि सुधार उप समाहर्ता के पद को पूर्ण रूप से प्रशासनिक और कार्यात्मक नियंत्रण के तहत राजस्व विभाग में लाने की बात दोहराई है. इसके अलावा सेवा संवर्ग के अंतर्गत अधिसूचित सभी पदों पर बिहार राजस्व सेवा के पदाधिकारियों की विधिवत नियुक्ति सुनिश्चित करने या उन्हें प्रभार देने की मांग भी उठाई गई है. हमारा मानना है कि इन कदमों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक मजबूत और प्रभावी बनेगी.”- *रजनीश कांत, महासचिव,संयुक्त मोर्चा*
संयुक्त मोर्चा के महामंत्री जितेंद्र पांडेय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार राज्य सेवा के हितों की रक्षा करते हुए लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करेगी. इससे न सिर्फ प्रशासनिक ढांचा बेहतर होगा बल्कि आम जनता को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. वह सरकार के साथ संवाद और सहयोग के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहते है.
हालांकि, संयुक्त मोर्चा ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा, यानी दो महीने के भीतर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन दोबारा लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से सामूहिक अवकाश यानी हड़ताल का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा.
“राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनकी कार्यशैली पर हमें पूरा भरोसा है. विश्वास है कि सरकार राजस्व सेवा से जुड़े सभी न्यायोचित और तार्किक मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेगी.”- *जितेंद्र पांडेय, महामंत्री, संयुक्त मोर्चा*
यह निर्णय राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ विभाग के सचिव जय कुमार सिंह की हुई वार्ता के बाद लिया गया है. सरकार को दो माह का समय दिया गया है कि 11 सूत्री मांग को माना जाए, अन्यथा फिर से लोकतांत्रिक तरीके से हड़ताल पर राजस्व कर्मी चले जाएंगे. फिलहाल हड़ताल टलने से प्रशासनिक कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है और आम लोगों को राहत मिलेगी.