यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित टाइम्स सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप द्वारा आयोजित इस समारोह में राज्यपाल जी ने पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और सेवा भावना की सराहना करते हुए उन्हें अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ नशामुक्ति, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
माननीय राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आज का अवसर इन कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है। उनकी सतर्कता से समाज सुरक्षित रहता है, तत्परता से संकट टलते हैं और उनके साहस से आम नागरिकों के मन में सुरक्षा एवं विश्वास का दीप प्रज्वलित रहता है। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र अपने रक्षकों के योगदान को सम्मान देता है, वही अपने कर्तव्यों और मूल्यों के प्रति सच्ची निष्ठा प्रदर्शित करता है। ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रभक्ति, कृतज्ञता और सेवा के संस्कारों को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी को प्रदेश एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि उनका विश्वास है कि इन वीरों का सम्मान केवल मंच पर पुष्प अर्पित करने या प्रशस्ति-पत्र प्रदान करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके प्रति सम्मान, उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और उनके योगदान के प्रति सदैव कृतज्ञ रहने की भावना हमारे व्यवहार में भी प्रतिबिंबित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जन भवन के प्रयासों से प्रारंभ हुई पहल के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान का विस्तार पुलिसकर्मियों की बेटियों तक भी किया गया है। हमारे पुलिसकर्मी दिन-रात जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दायित्वों का निर्वहन करते हैं। उनके परिवारों, विशेषकर उनकी बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता करना, उनके प्रति हमारी कृतज्ञता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है।
राज्यपाल जी ने कहा कि पुलिस की वर्दी के पीछे एक ऐसा व्यक्तित्व होता है, जो अपने व्यक्तिगत सुखों, पारिवारिक समय और अनेक इच्छाओं को पीछे छोड़कर समाज की सुरक्षा को सर्वाेपरि रखता है। जब हम अपने परिवार के साथ उत्सव मनाते हैं, तब अनेक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। जब हम निश्चिंत होकर विश्राम करते हैं, तब वे जागकर हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनकी जागती आँखों में समाज की सुरक्षा का संकल्प है, उनके दृढ़ कदमों में कानून की शक्ति है और उनके साहस में जनविश्वास की नींव है।
उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। कई बार पुलिसकर्मियों को प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने परिवार से दूर रहकर समाज एवं राष्ट्रहित में दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। त्योहारों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी वे अपनी व्यक्तिगत खुशियों से ऊपर उठकर नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं।
राज्यपाल जी ने पुलिसकर्मियों से नशामुक्ति अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है। पुलिसकर्मी अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ विद्यालयों, युवाओं और स्थानीय समुदायों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जनसहभागिता और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल जी ने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के दौरान पुलिस व्यवस्था में किए गए सुधारों और सामाजिक पहलों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि गुजरात में महिलाओं की पुलिस बल में भागीदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को पुलिस सेवा में आने का अवसर मिला और आज वे राज्य की सेवा कर रही हैं।
राज्यपाल जी ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि गुजरात में पुलिस कॉलोनियों के निर्माण और मरम्मत के कार्यों में होने वाली देरी को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। उपलब्ध भूमि पर निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें एक वर्ष में पूरा कराया गया। इन कॉलोनियों में आवास के साथ आंगनवाड़ी, पेयजल, महिलाओं के लिए गतिविधि केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गईं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और उनके परिवारों की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
उन्होंने गुजरात में संचालित स्टूडेंट पुलिस कैडेट कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में 30 छात्राओं और 20 छात्रों के समूह बनाकर पुलिस के सहयोग से अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम से बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आया। बच्चों ने अपने परिवारों में नशे की आदत छुड़वाने और गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी योगदान दिया। इन बच्चों ने गणतंत्र दिवस की परेड सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।
राज्यपाल जी ने पुलिस अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों में अनेक प्रकार की प्रतिभाएं होती हैं। इनका उपयोग केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पुलिसकर्मी स्वेच्छा से विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाने, अनुशासन सिखाने और सामाजिक गतिविधियों में सहयोग कर सकते हैं।
राज्यपाल जी ने जन भवन में संचालित विद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां वंचित परिवार के लगभग 450 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। प्रारंभ में बच्चों के व्यवहार, अनुशासन और स्वच्छता संबंधी आदतों में अनेक चुनौतियां थीं, लेकिन निरंतर प्रयासों से उनमें उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वंचित परिवारों के बच्चे भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालयों एवं छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी का भी उल्लेख किया। राज्यपाल जी ने बताया कि उनके साथ तैनात पुलिसकर्मियों को विश्वविद्यालयों के निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट, रसोई और शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की स्थिति तथा छात्रावासों में नशीले पदार्थों की संभावित मौजूदगी जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जाता है।
राज्यपाल जी ने नवगठित जिलों में प्रशासनिक कार्यालयों को एक ही परिसर में स्थापित करने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्थाएं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर विकसित की जानी चाहिए। अलग-अलग स्थानों पर कार्यालय होने से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी होती है।
सामाजिक सहभागिता का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने जन भवन में गोसेवा के लिए जनसहयोग से आटा और गुड़ एकत्र करने की पहल के बारे में बताया। उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं के लिए संचालित साड़ी बैंक का उदाहरण देते हुए कहा कि लगभग 50 साड़ी बैंकों का संचालन महिलाएं स्वयं जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कर रही हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंदों के लिए वस्त्र एवं अन्य उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
राज्यपाल जी ने सम्मानित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन अच्छे कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाते हैं। उन्होंने समाज के सहयोग से जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने और ऐसी सकारात्मक पहलों को निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित किया।