नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर मनाया गया आज़ाद हिंद फ़ौज का स्थापना दिवस

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

अलीगढ़ नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा 21 अक्टूबर 1943 को स्थापित आजाद हिंद सरकार का 83वां स्थापना दिवस आजाद हिंद सभा एवं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के तत्वाधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक पर आयोजित किया गया।कार्यक्रम के प्रारंभ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें जय हिंद के नारों के साथ सलामी दी गई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए आजाद हिंद सभा के अध्यक्ष डॉ. राकेश सक्सैना ने कहा कि 1943 में सिंगापुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी और इस सरकार की अपनी फौज आजाद हिंद फौज थी इस सरकार की अपनी मुद्रा,अपना बैंक और अपनी डाक टिकट भी जारी की गई थी।नेताजी का यह मानना था कि द्वितीय विश्व युद्ध 1938 से 45 के परिणाम भारत की स्वतंत्रता की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे।नेताजी द्वारा स्थापित इस सरकार को जापान,जर्मनी,इटली,फिलीपींस, कोरिया,चीन,आयरलैंड सहित नौ देशों ने मान्यता प्रदान कर दी थी और 30 दिसंबर 1943 को नेताजी ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा झंडा लहराकर देश में आजादी का परचम फहरा दिया था और इन दीपों का नाम शहीद और स्वराज रखा।इतना ही नहीं आजाद हिंद सरकार के मंत्रिमंडल में वित्त विभाग कर्नल एपी.चटर्जी को,प्रचार विभाग एसए. अय्यर को तथा महिला संगठन कमान की कैप्टन लक्ष्मी सहगल को सौंपी गई थी।रानी लक्ष्मीबाई रेजीमेंट एशिया के इतिहास में अपनी तरह की पहली महिला सैन्य इकाई थी।नेताजी ने स्वयं राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और युद्ध मंत्री का दायित्व संभाला था।वर्तमान में देश के समक्ष जो चुनौतियां हैं उसे नेताजी के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा लेकर ही देश की एकता और अखंडता को सशक्त किया जा सकता है और देश में भारतीय समाजवाद के मार्ग पर चलकर ही समाज को समृद्धिशाली बनाया जा सकेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस विलक्षण प्रतिभा के धनी थे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी आजाद हिंद फौज की स्थापना करके पूरे विश्व को यह दिखा दिया कि हिंदुस्तान का आवाम अपनी आजादी के लिए केवल अहिंसा के रास्ते से ही नहीं वरन शस्त्रों से लड़कर भी आजादी प्राप्त करने में अग्रिम है।नेताजी सुभाष चंद्र बोस का बलिदान हिंदुस्तान की मातृभूमि पर सदैव एक ऐसा ऋण रहेगा जिसे भावी पीढ़ी कभी चुका नहीं पाएगी ।नेताजी सुभाष अल्पायु में ही हमारे बीच नहीं रहे अन्यथा देश की समृद्धि में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का बड़ा योगदान रहता।अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एवं आजाद हिंद सभा के महासचिव ठाकुर गवेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस अपने आप में एक विचार थे जो समाजवादी विचार धारा से ओत प्रोत थे।उन्होंने आजादी की लड़ाई में आजाद हिंद फौज की स्थापना करके अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए।वह स्वतंत्रता आंदोलन में युवा वर्ग के आइकॉन बने हुए थे और देश की आजादी के महान नायक थे।कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व सांसद,पूर्व मंत्री राम प्रसाद देशमुख के पुत्र पूरन चंद देशमुख,जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र सिंह यादव,पूर्व पार्षद विजय प्रताप प्रजापति,ट्रेड यूनियन नेता सुधीर सक्सेना,पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर आरिफ अली खान,रजनी रावत,शकील कुरेशी, मुजीब उर रहमान एडवोकेट,प्रदीप कुमार एडवोकेट,फिरोज अहमद, शिव कुमार,अनीश खान,तबस्सुम, तनवीर अहमद,तैयब अहमद,राकेश चौधरी,गया प्रसाद गिर्राज और संजय शर्मा आदि ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

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