राइजिंग सरोजनी नगर: निवेश, नवाचार, रक्षा, अवसंरचना और सुशासन का उभरता राष्ट्रीय मॉडल — डॉ. राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर, जनधन से डिजिटल इंडिया और राम मंदिर से जी-20 तक: मोदी सरकार के 12 वर्षों ने बदली भारत की तस्वीर — डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के अनुरूप सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र आज निवेश, नवाचार, रक्षा उत्पादन, आधुनिक शहरीकरण, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक उत्कृष्टता का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। बीते वर्षों में यहां शुरू हुई और प्रगति पर चल रही परियोजनाएं न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दे रही हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन, सामाजिक न्याय और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, जनधन योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को नई मजबूती दी है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, डिजिटल इंडिया और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का उभरना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच चुके हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 के बाद विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं। राज्य का बजट लगभग ₹3.85 लाख करोड़ से बढ़कर ₹8.08 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹40 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में भारत के कुल परिचालित एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में स्थित है तथा गंगा एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने के बाद यह हिस्सा लगभग 62 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। बेहतर कानून व्यवस्था, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, धार्मिक पर्यटन विकास और आधारभूत संरचना में रिकॉर्ड निवेश ने उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी विकास मॉडलों में स्थापित किया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर को केंद्र में रखकर विकसित किए जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की परिकल्पना उत्तर प्रदेश के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास योजनाओं में से एक है। लगभग 27,826 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रस्तावित यह परियोजना लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, हरदोई, सीतापुर और बाराबंकी सहित छह जनपदों के संतुलित एवं नियोजित विकास का आधार बनेगी। सरोजनी नगर इस महत्वाकांक्षी योजना का केंद्र बिंदु बनकर उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि अमौसी क्षेत्र में लगभग 1,500 एकड़ में प्रस्तावित एयरो सिटी परियोजना सरोजनी नगर को निवेश, व्यापार, पर्यटन, आतिथ्य और वैश्विक सेवाओं का नया केंद्र बनाएगी। आधुनिक होटल, बिजनेस पार्क, कन्वेंशन सुविधाएं, शॉपिंग और मनोरंजन अवसंरचना इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्रदान करेंगी।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर में ₹10,732 करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश की पहली AI City विकसित की जा रही है। यह परियोजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, आईटी सेवाओं, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगी।

उन्होंने कहा कि अशोक लीलैंड का लगभग ₹10,000 करोड़ निवेश वाला अत्याधुनिक ईवी बस निर्माण संयंत्र सरोजनी नगर की नई पहचान बन रहा है। लगभग 70 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह परियोजना प्रतिवर्ष 2,500 इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की क्षमता रखेगी और हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी।

डॉ. सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार तथा टर्मिनल-3 के विकास ने सरोजनी नगर को वैश्विक संपर्क का नया द्वार बना दिया है। एयरपोर्ट से जुड़ी परियोजनाएं निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और सेवाक्षेत्र को नई गति प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश का पहला नौसेना शौर्य संग्रहालय (Naval Museum) लगभग ₹19 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की वीरता और राष्ट्रसेवा की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा।

डॉ. सिंह ने कहा कि ₹1,500 करोड़ की लागत से रक्षा औद्योगिक गलियारे (Defence Corridor) के अंतर्गत ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट स्थापित की जा रही है। यह परियोजना उच्च तकनीकी रोजगार और रक्षा उत्पादन को नई गति देगी।

उन्होंने कहा कि सरोजनी नगर में स्थापित VFS ग्लोबल सेंटर के माध्यम से 15 देशों की वीजा सेवाएं उपलब्ध हैं। लगभग ₹17 करोड़ की लागत से NCDC संस्थान की स्थापना की गई है। ₹1,287 करोड़ की लागत से 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर लगभग 10,000 लोगों की क्षमता के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि ₹66.40 करोड़ की लागत से राज्य आपदा प्रबंधन भवन तथा लगभग ₹380 करोड़ की लागत से आधुनिक एकीकृत सिटी बस टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि लगभग 485 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही वेलनेस सिटी स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिक केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि सरोजनी नगर आज उत्तर प्रदेश की उभरती हुई नहीं, बल्कि स्थापित होती मेडिकल कैपिटल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। वेलनेस सिटी, उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPFIS), लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों, मेडिकल एवं स्वास्थ्य संस्थानों तथा स्वास्थ्य अवसंरचना में हो रहे बड़े निवेश ने इस क्षेत्र को प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य एवं चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित किया है। आने वाले वर्षों में मेडिकल रिसर्च, स्वास्थ्य शिक्षा और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ सरोजनी नगर उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित होगा।

उन्होंने कहा कि आवासीय विकास के क्षेत्र में भी सरोजनी नगर तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग ₹17,800 करोड़ की लागत से 6,585 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रही बृहद आवासीय योजना आधुनिक शहरी विकास का नया मानक स्थापित करेगी। ₹1,540 करोड़ की लागत से 785 एकड़ में अनंत नगर टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2,226 शहरी आवासों का निर्माण कराया गया है। सेक्टर-20 गेटेड कॉलोनी, 300 नए भूखंड, मल्टी स्टोरी हाउसिंग परियोजनाएं और अहाता एन्क्लेव जैसी योजनाएं भी विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि ₹38.51 करोड़ की लागत से मिल्कीपुरवा उपकेंद्र, ₹20 करोड़ की लागत से शास्त्री नगर विद्युत उपकेंद्र, ₹20 करोड़ की लागत से बरियाखेड़ा सेक्टर-एम विद्युत उपकेंद्र तथा 71 स्थानों पर ₹1.28 करोड़ की लागत से एबी-केबल बिछाई गई है। ₹125 करोड़ की हर घर नल योजना, ₹117 करोड़ की लागत से 61 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाएं, 400 से अधिक हैंडपंप, दुर्जनखेड़ा पेयजल परियोजना, लोकबंधु अस्पताल में ₹37 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजनाएं, ₹1.82 करोड़ के ग्रामीण हाट बाजार तथा ₹1.60 करोड़ के संपर्क मार्ग और अंडरपास जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र के विकास को नई गति दी है।

डॉ. सिंह ने कहा कि ₹96.53 करोड़ की लागत से शिवरी वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की क्षमता 2,100 मीट्रिक टन प्रतिदिन तक बढ़ाई गई है। ₹43.54 करोड़ की लागत से सड़क एवं नाली निर्माण, ₹11 करोड़ की लागत से फ्लाई ऐश आधारित निर्माण सामग्री इकाई, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं तथा किला मोहम्मदी क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्य भी पूरे किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि तहसील परिसर में अधिवक्ता कक्षों का निर्माण, ₹3.27 करोड़ की लागत से बिजनौर बाजार हाट, Directorate of Revenue Intelligence (DRI), उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय तथा NIA के क्षेत्रीय कार्यालयों की उपस्थिति ने सरोजनी नगर को प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है।

डॉ. सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर आज केवल औद्योगिक, तकनीकी और अवसंरचनात्मक विकास का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की उभरती हुई लाइफस्टाइल, खेल और मनोरंजन राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम ने सरोजनी नगर को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित किया है, जहां अनेक अंतरराष्ट्रीय एवं आईपीएल मुकाबले आयोजित हुए हैं। ₹19 करोड़ की लागत से विकसित देश का पहला नौसेना शौर्य संग्रहालय, आवध इंडोर स्पोर्ट्स एंड रिजॉर्ट, फीनिक्स पलासियो, फीनिक्स यूनाइटेड, लुलु मॉल, एमराल्ड मॉल, स्मृति उपवन और अवध शिल्प ग्राम जैसे केंद्रों ने सरोजनी नगर को खेल, पर्यटन, मनोरंजन, संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली का प्रमुख गंतव्य बना दिया है।

उन्होंने कहा कि सरोजनी नगर सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और युवा सशक्तिकरण का भी सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। युवा उत्सव और युवा उत्सव 2.0 जैसे आयोजनों में 35,000 से अधिक युवाओं तथा 20,000 से अधिक नागरिकों की भागीदारी ने नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, मतदान जागरूकता और ‘नेट जीरो सरोजनी नगर 2040’ जैसे अभियानों को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। धर्म उत्सव, खाटू श्याम रथ यात्रा, ‘तेरी मिट्टी’ जैसे राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम, साहित्यकारों एवं कलाकारों के सांस्कृतिक आयोजन तथा भारतीय लोक एवं विरासत पर आधारित कार्यक्रमों ने सरोजनी नगर को संस्कृति, आस्था, राष्ट्रभावना और सामाजिक चेतना के संगम के रूप में नई पहचान प्रदान की है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनी नगर आज केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश की विकास गाथा का जीवंत उदाहरण है। स्टेट कैपिटल रीजन, एयरो सिटी, एआई सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस यूनिट, वेलनेस सिटी, उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (UPFIS), लोकबंधु अस्पताल, अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, नौसेना शौर्य संग्रहालय, आवासीय टाउनशिप, आधुनिक परिवहन और स्वास्थ्य अवसंरचना की परियोजनाओं ने सरोजनी नगर को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण विकास केंद्रों में स्थापित कर दिया है। आज सरोजनी नगर उत्तर प्रदेश का नया ग्रोथ इंजन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती मेडिकल कैपिटल, निवेश केंद्र, सांस्कृतिक केंद्र, लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन और नवाचार हब के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरोजनी नगर विकसित भारत 2047 और ट्रिलियन डॉलर उत्तर प्रदेश की यात्रा का एक प्रमुख विकास केंद्र बनकर उभरेगा।

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