यूपी लाइव न्यूज़ 24 लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के साथ आई ए एस आई पी एस और I आई एफ एस अधिकारियों का हर माह सीधा संवाद सुनिश्चित करने की पहल अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास शासन और युवा पीढ़ी के बीच एक प्रेरक सेतु बनेगा।
अब वरिष्ठ अधिकारी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को यूपी एस सी यूपी पी एस सी यूपी एस एस सी एन डी ए जे ई ई नीट और सी यू सी टी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ उच्च शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों की जानकारी देंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब किसी छोटे शहर, कस्बे या गांव का विद्यार्थी एक सफल आई ए एस पी सी एस अधिकारी को अपने सामने देखेगा, उसकी संघर्ष-यात्रा सुनेगा और सीधे अपने प्रश्न पूछेगा, तो उसके भीतर भी यह विश्वास मजबूत होगा—“मैं भी कर सकता हूं, मैं भी आगे बढ़ सकता हूं।”
डी एम द्वारा हर माह विद्यालय भ्रमण का कार्यक्रम, मंडलायुक्त द्वारा समीक्षा, डी आई ओ एस द्वारा समन्वय और प्रत्येक माह शासन को रिपोर्टिंग—यह सुनिश्चित करेगा कि पहल केवल घोषणा न रहे, बल्कि निरंतर और परिणामोन्मुखी अभियान बने।
सरोजनी नगर में हम भी लंबे समय से इसी सोच के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल और अवसरों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा आर बी एस सेंटर के माध्यम से युवाओं को कंप्यूटर एवं डिजिटल शिक्षा से लेकर सरकारी सेवाओं तक की जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और सरकारी अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
मेरा मानना है कि युवाओं को केवल शिक्षा नहीं, बल्कि एक्स स्योर मेंटरशिप गाइडेंस रोल मॉडल भी चाहिए। सही उम्र में मिला सही मार्गदर्शन किसी विद्यार्थी के पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है।
युवाओं से संवाद, सपनों को मार्गदर्शन और प्रतिभा को अवसर—यही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।
इस अभिनव पहल के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार।
उत्तर प्रदेश का युवा जितना सक्षम, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार होगा—उत्तर प्रदेश का भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।