यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
*‘मेक इन इंडिया’ के पीछे ‘बिलीव इन इंडिया’ की ताकत : राजनाथ सिंह*
लखनऊ। लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित किया। समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, महापौर सुषमा खर्कवाल और विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भारत सरकार रक्षामंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर स्थापित यह शैक्षिक संस्थान उनके संसदीय क्षेत्र में है। उन्होंने विद्यार्थियों से Justice, Equality और Liberty के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें यह मानना होगा कि कोई न कोई सुपर पावर है और हमारा काम केवल कर्म करना है। काम कभी छोटे मन से नहीं करना चाहिए। उन्होंने अहंकार से बचने की सीख देते हुए कहा कि किसी संख्या के आगे लगा हुआ दशमलव उसकी वैल्यू कम कर देता है। इसी तरह व्यक्ति के भीतर अहंकार आ जाए तो उसकी वास्तविक वैल्यू कम हो जाती है।
डॉ. आंबेडकर के जीवन का उदाहरण देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि बचपन में सामाजिक भेदभाव का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिंसा का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने अपने आक्रोश को सकारात्मक दिशा दी और शिक्षा को अपना हथियार बनाया। विदेश में सुखपूर्वक जीवन बिताने का अवसर होने के बावजूद वह भारत लौटे और सामाजिक अन्याय एवं बुराइयों के खिलाफ लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीके से संघर्ष किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आज मिलने वाली डिग्री उनकी मंजिल नहीं, बल्कि नई संभावनाओं के द्वार खोलने का माध्यम है। नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. वेंकटरमन रामकृष्णन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भौतिक विज्ञान की पढ़ाई की, लेकिन आगे चलकर जीव विज्ञान के क्षेत्र में कार्य किया और वर्ष 2009 में रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया।
रक्षा मंत्री ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देश में रॉकेट साइकिल और बैलगाड़ी से ले जाए जाते थे, लेकिन आज भारत मंगल तक पहुंच चुका है। अंतरिक्ष में निजी अंतरिक्ष स्टेशन और मानव मिशन की दिशा में भी देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ के पीछे ‘बिलीव इन इंडिया’ की भावना काम कर रही है। आज भारत अंतरिक्ष, इनोवेशन, स्टार्टअप और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक समय विदेशी अखबार भारत के अंतरिक्ष अभियानों का मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज दुनिया भारत की बात ध्यान से सुनती है। भारत अब केवल नियमों का पालन करने वाला देश नहीं, बल्कि नियम बनाने की स्थिति में भी पहुंच रहा है। युवाओं के आत्मविश्वास और उनकी प्रतिभा के दम पर भारत को सुपरपावर बनने से कोई रोक नहीं सकता।
दीक्षांत समारोह में 8,551 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 22 विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
‘टेंशन लेना नहीं, टेंशन देना है’ : ब्रजेश पाठक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जीवन में चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, “टेंशन लेना नहीं, टेंशन देना है।” उन्होंने डॉ. आंबेडकर के जीवन को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके भीतर पद की गर्मी को बर्दाश्त करने की अद्भुत क्षमता थी और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज लखनऊ की पहचान केवल मुस्कुराने वाले शहर के रूप में ही नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में भी बन रही है। उन्होंने कहा कि कौन सोच सकता था कि लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बनेगी। आज जब दुश्मन देश ब्रह्मोस का नाम सुनते हैं तो उनकी धुकधुकी बढ़ जाती है।