यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
डॉ. उदित राज, पूर्व सांसद, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं राष्ट्रीय चेयरमैन, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी काँग्रेस (केकेसी) ने आज आरएमएल हॉस्पिटल, नई दिल्ली के एमर्जेंसी में गंभीर हालत में भर्ती श्री सुनील लुक्खड़ वाल्मीकि से दलित समाज के दर्जनों साथियों के साथ जाकर मुलाकात किया। डॉ. उदित राज जी ने बताया कि डाक्टरों ने भी कहा है कि उनकी हालत बहुत ही खराब है और अभी तक दिल्ली पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज किया है। ज्ञात रहे कि 10 सितंबर को मुंडका बीजेपी विधायक श्री गजेंद्र द्राल ने अपने कार्यालय में बुलाकर बुरी तरह पीटा था और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया था। मैंने आज स्वयं देखा कि उनकी पीठ और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। उनकी MLC मे भी आया है उनके दिमाग पर भी असर पड़ा है। सुनील वाल्मीकि ने बताया कि उन्हें पूरी रात पीटा गया और 11 सितंबर की सुबह वे किसी तरह जान बचाकर भागे और पुलिस को काल किया, पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की, इसके बाद शाम लगभग 5 बजे 50-60 लोग थाने भी गए कि एफआईआर दर्ज की जाए लेकिन पुलिस दोषियों के खिलाफ एफआईआर न दर्ज करके भाजपा विधायक के दबाव मे उल्टे सुनील वाल्मीकि पर दबाव बना रही है कि ये एफआईआर न दर्ज कराएं और सुनील वाल्मीकि के खिलाफ पुलिस फर्जी केस लादने की फिराक में भी है। जब राजधानी दिल्ली मे दलितों की यह दशा है और उत्पीड़न होने पर प्रथिमिकी दर्ज करवाने में मशक्कत करनी पड़ती है तो दूरदराज के क्षेत्रों में क्या हाल होगा, अंदाज लगाना मुश्किल नहीं है। हम लोग मांग करते हैं कि इस मामले में SC/ST Act सहित अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करके मुंडका विधायक श्री गजेन्द्र द्राल को अतिशीघ्र गिरफ्तार किया जाए और निष्पक्ष जांच हो। इनकी गिरफ़्तारी नहीं होती तो जांच प्रभावित होगी।
डॉ. उदित राज जी ने आगे कहा कि हाल ही में हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया गया। राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली जी के मंदिर जाने के बाद भी इसी तरह का ‘शुद्धिकरण’ हुआ था। आखिर यह कैसी मानसिकता है? यही मनुवादी सोच है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना है।
डॉ. उदित राज जी ने कहा कि उपरोक्त मामले मे यदि शीघ्र एफआईआर दर्ज करके मुंडका विधायक श्री गजेन्द्र द्राल की गिरफ़्तारी नहीं होती तो दिल्ली में वाल्मीकि समाज ही नहीं बल्कि पूरा दलित समाज एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेगा।