सनातन वैदिक धर्मरक्षा के लिए सुसज्जा है शंकराचार्य चतुरंगिणी

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

26 अप्रैल 2026
मेरठ। ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती ‘1008’ जी महाराज के पावन सांन्निध्य में डिफेंस कॉलोनी स्थित सुदीप अग्रवाल जी के निवास मणिद्वीप पर दोपहर 12.30 बजे शंकराचार्य चतुरंगिणी की बैठक हुई।

मंगलाचरण के पश्चात् स्वामि तत्वजिज्ञासु महाराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चतुरंगिणी के चार विभाग यानी मनबल, तनबल, जनबल व धनबल और प्रत्येक विभाग के पांच अंग है l चतुरंगिणी एक सेना की भांति काम करेगी, सभी सदस्यों को शारीरिक, मानसिक, शास्त्रीय, शस्त्र और कानून का प्रशिक्षण भी जल्द ही आरम्भ होगा l
3 मई से ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा गविष्ठी (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा आरम्भ होगी जिसमें प्रत्येक जनपद में चतुरंगिनी के सैनिक यात्रा में सुरक्षा का दायित्व संभालेगी एवं 24 जुलाई को लखनऊ में यात्रा के समापन पर एक अक्षौहिणी सेना यानी 2,18,700 लोग शंकराचार्य की अगवाई करेगी । बैठक में चतुरंगिणी की गणवेश, झंडे व गीत पर भी निर्णय हुए। शंकराचार्य चतुरंगिणी का उद्देश्य है ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य के निर्देश में सनातन वैदिक धर्म की रक्षा l

साध्वी जगदंबाजी,महामंडलेश्वर शिवम जी महाराज, राजेन्द्र दास जी महाराज, रविकान्त मुनि जी, रिटायर्ड कर्नल दंडी स्वामी रामाश्रम जी महाराज, दीपकेश्वरानंद जी, अभय शंकर तिवारी, नरोत्तम पारीक और इसके अलावा डॉ गार्गी पण्डित, देवेंद्र पांडेजी, अखिलेश ब्रह्मचारी उपस्थित रहे l

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