भाजपा बारह वर्ष केंद्र में और नौ वर्ष उत्तर प्रदेश में रही — असली हिन्दू होती तो अब तक गाय को माता घोषित कर देती। अब प्रमाणित हो गया कि यह नकली हिन्दुओं की पार्टी है

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी

संभल / बदायूं। ऐतिहासिक 81 दिवसीय ‘गौप्रतिष्ठा (गोरक्षार्थ धर्मयात्रा)’ जब संभल एवं बदायूं जनपदों से होकर निकली, तो ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती ‘1008’ का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया और महाराजश्री ने विशाल जनसमुदाय को सम्बोधित किया। प्रत्येक स्थान पर उपस्थित जनसमुदाय ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” के साथ गौ रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।
महाराजश्री ने कहा कि दरवाजे पर गौमाता को खड़ा करके घर में कलियुग के प्रवेश को रोका जा सकता है। राजा परीक्षित के “खबरदार, यह मेरी गाय है” इस आदेश का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि जहाँ गौमाता खड़ी रहेंगी वहाँ अधर्म प्रवेश नहीं करेगा — और जहाँ अधर्म नहीं, वहाँ न दोष-पाप होंगे, न कर्जा, न कलह, न अवसाद, न तनाव और न समाज में अप्रतिष्ठा।
महाराजश्री ने कहा कि लोग वास्तुशास्त्रियों के कहने पर लाखों की दीवारें तोड़कर पुनः बनवाते हैं और tank, Laughing Buddha जैसी वस्तुएं लटकाते हैं, जबकि अपनी उपस्थिति मात्र से वास्तु दोष समाप्त कर देने वाली गौमाता को कटने के लिए दे देते हैं — इसे मूर्खता की हद बताते हुए उन्होंने हिन्दुओं से आह्वान किया कि गौमाता को पुनः परिवार का अंग समझकर सम्मान दें।
“शहर में जगह नहीं है” — इस तर्क पर महाराजश्री ने अपने हाल के मुम्बई प्रवास का प्रसंग सुनाया, जहाँ एक सामान्य व्यक्ति ने अपने छोटे से चार मंजिला मकान की छत पर एक सुन्दर गाय को बछिया सहित रखा था और कहा — “गौमाता की छाया के नीचे मैं रहता हूँ, इसलिए मुझे कोई कमी नहीं।” उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो मुम्बई में भी गौसेवा संभव है। जो घर में गाय न रख सकें, वे किसी गौशाला में एक गाय को अपनी गाय के रूप में रखें और सप्ताह में जाकर उसका दुलार लें; और चाहें तो 400-500 लोग मिलकर एक-एक रुपया देकर एक गाय को अपनाएं — ताकि हर कोई कह सके “यह मेरी गाय है।”
तत्पश्चात् महाराजश्री ने जनसमुदाय के समक्ष तीन बातें रखीं:
पहली बात — “गाय माता तो है किन्तु घोषणा की आवश्यकता नहीं” इस मत पर उन्होंने उपस्थित जनों से दोनों हाथ उठवाकर गर्व से घोषणा करवाई — “गाय मेरी माता है, पशु नहीं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गाय को पशु कहना मेरे हृदय को ठेस पहुँचाता है; सरकार शीघ्र गौमाता को पशु कहना बंद करके उसे राज्य माता का सम्मान प्रदान करे और आने वाले चुनाव में मैं गौमाता के प्राण और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए ही मतदान करूँगा — जिसे मेरा vote चाहिए, वह गौमाता को पशु सूची से हटाकर गौमाता के रूप में दर्ज करवाने के बाद ही आएं।”
दूसरी बात — महाराजश्री ने कहा कि राजनीति में जो स्वयं को हिन्दू कहती है, वह असली हिन्दुओं की नहीं बल्कि नकली हिन्दुओं की party है, क्योंकि वे बगीचे में एक डंडा गाड़कर उसे गुरु मानते हैं और उसी के सामने गुरु दक्षिणा चढ़ाते हैं — जबकि डंडा या झंडा कभी गुरु नहीं हो सकता; गुरु ही गुरु होता है।
तीसरी बात — उन्होंने कहा कि वे गाय को नहीं मानते, जबकि हिन्दू होने का प्रथम लक्षण है गाय की दृढ़ भक्ति — “गोषु दृढभक्तियुक्तस्य”। असली हिन्दू के घर की पहली रोटी गाय की होती है, क्योंकि गाय उसकी first priority है; यदि कोई असली हिन्दू प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बने तो गाय को माता कहने में एक क्षण भी न लगे। बारह वर्ष केंद्र में और नौ वर्ष उत्तर प्रदेश में रहकर भी गाय को माता घोषित न करने से यह प्रमाणित हो गया कि यह नकली हिन्दुओं की party है — और जहाँ नकली को प्रश्रय मिलता है, वहाँ असली ही कष्ट भोगता है।
सबसे बड़ा प्रमाण देते हुए महाराजश्री ने कहा कि असली हिन्दू party गाय की रक्षा का कानून बनाएगी, हटाएगी नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कहीं भी गोरक्षा का नया कानून नहीं बनाया और केवल दिखावे के लिए पहले से बने कानूनों में संशोधन किया, जबकि वही एकमात्र party है जिसने पहले से बना गोरक्षा कानून हटाया — जम्मू-कश्मीर की आज़ादी-पूर्व रणबीर दंड संहिता, जिसमें गौहत्या पर दस वर्ष का कठोर कारावास और एक किलो गोमांस रखने पर भी एक वर्ष की सजा थी — और इस प्रकार, उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर में गौहत्या की खुली छूट दे दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज पठानकोट के रास्ते हजारों ट्रक प्रतिदिन कश्मीर में प्रवेश करते हैं और गौहत्या की सूचना देने वाले हिन्दू युवक को ही पुलिस पकड़ लेती है। उन्होंने कहा कि media ने यह बात करोड़ों हिन्दुओं से छिपाई, इसलिए जनता ऐसे media पर भरोसा न करे।
महाराजश्री ने कहा कि यात्रा प्रारंभ होने के दिन से वे ये बातें कह रहे हैं, फिर भी उत्तर देने कोई नेता सामने नहीं आया — क्योंकि सच का उत्तर नहीं होता। उन्होंने media को चुनौती दी कि यदि उनकी बात झूठी है तो debate कराएं; और कहा कि किसी शंकराचार्य के स्नान, भोजन, जल और निद्रा में बाधा डालना अथवा आक्षेप लगाकर उनका मुँह बंद कराना न तो राजा का तरीका है, न शासन का।
हिन्दू जनता एवं सभी विवेकशील नागरिकों से आह्वान करते हुए महाराजश्री ने कहा कि नकली हिन्दुओं की party को सत्ता से बाहर करें, अन्यथा हिन्दू धर्म ही समाप्त हो जाएगा। संभल विधानसभा क्षेत्र में ‘एक नोट अभियान’ चलाकर एक भव्य-दिव्य गौधाम — जिसमें गौमाता दूध देने के लिए नहीं, आशीर्वाद देने के लिए विराजमान हों — के निर्माण हेतु उन्होंने श्री लोकेश यादव जी को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया और सबसे सहयोग का आह्वान किया।
महाराजश्री ने पुनः स्मरण कराया कि 3 मई 2026 को प्रारंभ हुई गौप्रतिष्ठा यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं की परिक्रमा कर रही है, और यदि 81 दिनों की यात्रा पूर्ण होने तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए

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