यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
लखनऊ में सपा प्रमुख और उनके नेताओं का “चैलेंज” यह दिखाता है कि वे भाजपा की संगठनात्मक ताकत और जनता के विश्वास को समझ नहीं पा रहे हैं।
भाजपा के 225 तो क्या दो विधायक भी अपनी सीट बदलना नहीं चाहते, क्योंकि उन्हें अपने काम, संगठन और जनता के समर्थन पर पूरा विश्वास है।
सपा आज ज़मीनी राजनीति से दूर होकर केवल ट्विटर और सोशल मीडिया की पार्टी बनती जा रही है। बूथ स्तर की मेहनत, जनता की समस्याओं और वास्तविक जनभावना से उसका संपर्क लगातार कमजोर पड़ चुका है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , राष्ट्रीय अध्यक्ष श नितिन नबीनकेंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाहतथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल सहित अनेक राज्यों में सिद्ध किया है कि स्पष्ट नेतृत्व, मजबूत संगठन और जनविश्वास के साथ बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
सपा को यदि चुनौती देनी है, तो अपने शीर्ष नेतृत्व से कहे कि वे राजधानी लखनऊ की प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों पर आकर चुनाव लड़ें और जनता के बीच अपना जनाधार साबित करें।
भाजपा अपने पिछले सभी चुनावों से बेहतर प्रदर्शन करेगी, क्योंकि हमारे पास केवल नारे नहीं, बल्कि विकास का सिद्ध रिकॉर्ड, सशक्त संगठन और जनता का अटूट आशीर्वाद है।