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मंत्री ने फैजुल्लागंज में जलभराव की स्थिति का लिया जायजा, कंट्रोल रूम पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा की
– 6500 घर, लगभग 8 किलोमीटर क्षेत्र और 50 हजार लोग प्रभावित; जलनिकासी के साथ पेयजल, स्वच्छता एवं पुनर्वास पर जोर
– मा० महापौर ने नगर आयुक्त को सभी उपलब्ध टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के दिए निर्देश
– जलनिकासी के बाद भी 10 से 12 दिनों तक चलेगा सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी ने शुक्रवार को फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर राहत कार्यों के संचालन, प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और गति देने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी ने अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी, नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार जी, नगर निगम की टीम और संबंधित जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते रहें।
*6500 घर और 50 हजार लोग प्रभावित*
नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार जी ने प्रभारी मंत्री को बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज क्षेत्र में लगभग 6500 घर, करीब 8 किलोमीटर का क्षेत्र और लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम एवं प्रशासन की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रभारी मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जलनिकासी में तेजी लाने के साथ ही प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की दैनिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
*पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर*
प्रभारी मंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए टैंकर नियमित रूप से भेजे जाएं। लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।
उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई और कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा। मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग के साथ जरूरत के अनुसार ड्रोन के माध्यम से छिड़काव कराने पर भी जोर दिया।
प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित बस्तियों में लोगों के आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार किए जाएं। भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाए।
*महापौर ने सभी टैंकर और मोबाइल टॉयलेट लगाने के दिए निर्देश*
महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार जी को निर्देश दिए कि नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएं, ताकि लोगों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने राहत कार्यों में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम के पास उपलब्ध मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार इन्हें लगाया जाएगा। महापौर जी ने कहा कि जलनिकासी के साथ-साथ प्रभावित घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
*अगले 10 से 12 दिनों तक जारी रहेगा सैनिटाइजेशन अभियान*
प्रभारी मंत्री जी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में लगभग एक हफ्ते लगने का अनुमान है। हालांकि, जलनिकासी के बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक राहत, सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान जारी रखने की आवश्यकता होगी, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो और जनजीवन सामान्य हो सके।
उन्होंने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।
*भविष्य में जलभराव रोकने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने के निर्देश*
प्रभारी मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी ने कहा कि फैजुल्लागंज क्षेत्र में भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर भी काम किया जाना चाहिए। नदी के किनारे बंधा बनाने सहित आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र की कॉलोनियों के नियमितीकरण से जुड़े विषय पर भी आवश्यक नीति तैयार करने की जरूरत बताई, ताकि यहां रहने वाले लोगों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान किया जा सके और भविष्य में बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
*मुख्यमंत्री एवं रक्षा मंत्री ने भी लिया है स्थिति का संज्ञान*
प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि मा० मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। वहीं, मा० रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद श्री राजनाथ सिंह जी ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया है।
उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। शासन-प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता मिले और क्षेत्र में जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने कहा कि नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। पेयजल, खाद्य सामग्री, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।