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“ऋषि का सद्ज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है।” -उमानन्द शर्मा
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत “कृष्णा पब्लिक स्कूल, रतन खण्ड, बिजनौर रोड, लखनऊ, उ०प्र०” के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 468वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। श्रीमती रूबी गुप्ता एवं श्री कुलदीप गुप्ता ने अपने प्रिय पुत्री सुश्री नैना गुप्ता के उज्ज्वल भविष्य हेतु ज्ञानदान के रुप में उपरोक्त संस्थान के केन्द्रीय पुस्तकालय में यह सम्पूर्ण युगऋषि वाङ्मय साहित्य भेंट किया साथ-साथ संस्थान के प्रबन्धक को अमृतवाणी कैलेण्डर एवं प्रबन्धक सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भेंट किया।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि का सद्ज्ञान जीवन जीने का कला सिखाता है।” श्रीमती उषा सिंह, श्री कुलदीप गुप्ता तथा पद्मा गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किया तथा संस्थान के प्रबन्धक श्री एम0एल0 यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
वाङ्मय साहित्य स्थापना के इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, श्रीमती उषा सिंह, श्रीमती रूबी गुप्ता, श्री कुलदीप गुप्ता, नैना गुप्ता एवं संस्थान के प्रबन्धक श्री एम0एल0 यादव, संस्थान की शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं इत्यादि मौजूद रहे।