यूपी लाइव न्यूज़ 24उत्तर प्रदेश
कोंच यहां गुदरिया मंदिर में महंत महेश दास महाराज द्वारा संयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दौरान कथा व्यास पं. विष्णुकांत मिश्रा ने सुदामा चरित्र की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि सुदामा श्रीकृष्ण के गुरु भाई और परम भक्त हैं जिन्होंने बिना किसी कामना के परमात्मा में अडिग विश्वास रखते हुए उनकी भक्ति की।
जन कल्याणार्थ संयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दौरान कथा व्यास ने भगवान द्वारिकाधीश के विवाहों का वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने रुक्मिणी हरण भगवान द्वारिकाधीश के सत्यभामा, कालिंद्री, जामवंती आदि से भी विवाहों की कथा विस्तार से सुनाते हुए बताया कि इस प्रकार भगवान द्वारिकाधीश ने सोलह हजार एक सौ आठ विवाह किए। उन्होंने सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। कहा कि भगवान द्वारिकाधीश और सुदामा की मित्रता मानव मात्र को निश्छल मैत्री संबंधों के साथ आदर्श मित्रधर्म की भी शिक्षा देती है। उन्होंने कहा कि परमात्मा का नाम स्मरण ही कलिकाल में प्राणिमात्र को भवसागर से पार कर देता है। जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार अनाचार और दुष्प्रवृत्तियां सिर उठाते हैं तब परमात्मा किसी न किसी रूप में इस धरा पर अवतार धारण करते हैं। कथा व्यास बताते हैं कि परमात्मा का वास सब जगह है, बस जरूरत है उसे पहचानने की, जो भी उसे सच्चे मन से याद करता है उसे वे अवश्य ही दर्शन देते हैं। कथा विश्राम पर परीक्षित ऊषा राधेकृष्ण श्रीवास्तव ने भागवत जी की आरती उतारी, अंत में प्रसाद वितरित किया गया।