यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
लखनऊ सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को एक विस्तृत नीति-पत्र भेजकर “मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति चीफ मिनिस्टर यूथ एडवाइजरी काउंसिल के गठन का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच एक स्थायी, संस्थागत एवं निरंतर संवाद स्थापित करना है, ताकि युवाओं के विचार, अनुभव, नवाचार और सुझाव सीधे शासन एवं नीति-निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।
अपने पत्र में डॉ. सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, निवेश, आधारभूत संरचना, डिजिटल गवर्नेंस तथा रोजगार सृजन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब आवश्यकता है कि विकास की इस यात्रा के अगले चरण में युवाओं को केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि शासन के सक्रिय साझेदार के रूप में भी स्थान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बदलता रोजगार बाज़ार, प्रतिस्पर्धी परीक्षाएँ, कौशल की नई आवश्यकताएँ, स्टार्टअप संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य तथा डिजिटल जीवन युवाओं की प्राथमिकताओं को तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार और युवाओं के बीच संवाद केवल अवसर-विशेष तक सीमित नहीं रह सकता। एक ऐसी स्थायी संस्था की आवश्यकता है जो सरकार को वर्षभर युवाओं की सोच, अपेक्षाओं, चुनौतियों और उभरते विषयों से जोड़कर रखे।
प्रस्ताव में लगभग 31 सदस्यीय “मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति” गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री करें। समिति में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20 उत्कृष्ट युवा सदस्य शामिल हों, जिनका चयन पूर्णतः योग्यता एवं पारदर्शिता के आधार पर किया जाए। इनमें यू पी एस सी एवं यूपी पी एस सी के सफल अभ्यर्थी, आई आई टी जेई एवं नीट के शीर्ष प्रतिभागी, आई आई टी आई आई एम AIIMS एवं NLU के विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, MIT एवं स्टैनफोर्ड सहित विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र, युवा वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप उद्यमी, नवप्रवर्तक, राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, युवा किसान तथा आकांक्षी जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। समिति में कम से कम 40 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी अनुशंसा की गई है।
डॉ. सिंह ने सुझाव दिया है कि समिति प्रत्येक तीन माह में बैठक करे, वर्ष में एक बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “मुख्यमंत्री युवा संवाद” आयोजित किया जाए तथा “युवा सेतु–यूपी” नामक डिजिटल पोर्टल स्थापित किया जाए, जिसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी युवा अपने सुझाव और समस्याएँ सीधे सरकार तक पहुँचा सके। समिति प्रतिवर्ष “उत्तर प्रदेश युवा स्थिति रिपोर्ट” प्रकाशित करे तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को नियमित यूथ पल्स रिपोर्ट उपलब्ध कराए, जिससे रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, भर्ती परीक्षाओं, मानसिक स्वास्थ्य, स्टार्टअप, AI, खेल एवं डिजिटल सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रमाण-आधारित नीति-सुझाव प्राप्त हो सकें।
पत्र में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि समिति की अनुशंसाओं पर संबंधित विभाग 60 दिनों के भीतर अपना उत्तर दें तथा आवश्यकता पड़ने पर समिति प्रदेशभर में विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, ITI, कौशल संस्थानों, कोचिंग केन्द्रों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक युवा संवाद आयोजित करे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा, “किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवा होते हैं। जब युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बल्कि नीति-निर्माण का भागीदार बनाया जाता है, तब शासन अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और भविष्य-दृष्टि वाला बनता है। सहभागी शासन लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।”
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि उत्तर प्रदेश इस पहल को लागू करता है, तो वह देश का पहला राज्य होगा जहाँ मुख्यमंत्री स्तर पर युवाओं को औपचारिक रूप से नीति-निर्माण से जोड़ा जाएगा। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों तथा भारत सरकार के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
इसी उद्देश्य से इस प्रस्ताव की एक प्रति माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार को भी प्रेषित की गई है, जिसमें भारत सरकार के स्तर पर “राष्ट्रीय युवा सलाहकार परिषद के गठन पर विचार करने का अनुरोध किया गया है, ताकि देशभर के प्रतिभाशाली युवाओं को भी राष्ट्रीय नीति-निर्माण में संस्थागत भागीदारी का अवसर मिल सके।