यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश
कक्षा 12 तक बच्चों को मिले बुनियादी कानूनी शिक्षा, Digital Evidence और Cyber Law की समझ आज की जरूरत- डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील बार एसोसिएशन में आयोजित ‘लोकार्पण एवं धन्यवाद’ कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ता साथियों से आत्मीय संवाद किया और अधिवक्ता समाज की भूमिका, न्याय की सुलभता, कानूनी जागरूकता, शिक्षा तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अधिवक्ता न्याय, संविधान और समाज के अधिकारों के प्रहरी हैं। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में लाला लाजपतराय सहित अनेक अधिवक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज भी समाज को सही दिशा देने की क्षमता और जिम्मेदारी अधिवक्ता समाज के पास है।
उन्होंने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराना सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। छोटे एवं सामान्य मामलों में अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय प्रयास होना चाहिए कि कम से कम समय और सरल प्रक्रिया में पीड़ित को न्याय मिले। न्याय तभी सार्थक है, जब वह सुलभ, सरल और समयबद्ध हो।
कक्षा 12 तक बुनियादी कानूनी शिक्षा की आवश्यकता
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षा और युवाओं को अवसर देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। सरोजनीनगर के 70 से अधिक शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हमारा संकल्प है कि सरोजनीनगर का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए, प्रत्येक युवा को अवसर मिले और यहां के बच्चे अपनी प्रतिभा एवं कार्य से पूरे देश में पहचान बनाएं।
उन्होंने कहा कि कक्षा 12 तक सभी शिक्षा बोर्डों में बुनियादी कानूनी शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए। बच्चों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के साथ-साथ Cyber Law, Digital Security और प्रमुख कानूनों की सामान्य जानकारी कम उम्र से मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने जनहित याचिका के माध्यम से भी पहल की है।
डिजिटल युग में Digital Evidence और Digital Behaviour की कानूनी समझ की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक सामग्री को केवल ‘Forward’ करने से कानूनी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। युवाओं को NDPS Act सहित महत्वपूर्ण कानूनों के मूल प्रावधानों और उनके व्यवहारिक प्रभावों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
संविधान और न्यायपालिका के ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि हमारे संविधान और न्यायपालिका ने नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक मार्गदर्शन दिया है। Justice K.S. Puttaswamy V/S Union of India के निर्णय ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में स्थापित किया, जिसकी प्रासंगिकता डिजिटल युग में और बढ़ गई है।
उन्होंने Kesavananda Bharati V/S State of Kerala के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के मूल ढांचे की रक्षा भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषता है। कानून केवल न्यायालयों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकार, स्वतंत्रता और दायित्व से जुड़ा विषय है।
अंसल प्रकरण में मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिकारों की लड़ाई
डॉ. सिंह ने कहा कि अंसल प्रकरण में भी ऐसे अनेक मध्यमवर्गीय परिवारों के अधिकारों की लड़ाई NCLT के समक्ष स्वयं उठाई गई, जिन्होंने जीवन भर की कमाई अपने घर के सपने में लगाई थी। उन्होंने कहा कि किसी सामान्य परिवार की मेहनत की कमाई और उसके घर के सपने को सुरक्षित करना केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।
अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए विभिन्न घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान बार एसोसिएशन के सुदृढ़ीकरण, सड़क कार्य एवं अधिवक्ताओं के कल्याण हेतु विधायक निधि से ₹10 लाख, CSR के माध्यम से 5 नई Solar Lights तथा बार परिसर में Open Gym की घोषणा की गई।
अधिवक्ताओं के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच को और प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक पहल का भी आश्वासन दिया गया। युवा एवं उभरते अधिवक्ताओं के ज्ञानवर्धन तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय की लाइव कार्यवाही देखने के उद्देश्य से पीताम्बरा बगलामुखी सिद्ध पीठ उत्तराखंड ट्रस्ट के माध्यम से टीवी एवं वाई-फाई की सुविधा हेतु सहयोग प्रदान किया गया।
आगामी श्यामरथ यात्रा में बार एसोसिएशन के 75 अधिवक्ता साथियों को निःशुल्क श्री खाटू श्याम जी के दर्शन कराने की भी घोषणा की गई।
जरूरतमंदों को आर्थिक सहयोग
इस अवसर पर लाल बहादुर सिंह को उनके पुत्र स्व. अभिषेक सिंह की स्मृति में ₹1 लाख तथा सचिन यादव एडवोकेट को चिकित्सीय सहायता हेतु ₹25 हजार का सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में सरोजनीनगर तहसील बार एसोसिएशन, लखनऊ की कार्यकारिणी के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह एडवोकेट, महामंत्री राजेन्द्र यादव एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश सिंह चौहान एडवोकेट, उपाध्यक्ष मध्य मनोज कुमार एडवोकेट, गिरधारी लाल गुप्ता एडवोकेट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार एडवोकेट, कोषाध्यक्ष नीरज यादव एडवोकेट, संयुक्त मंत्री अजय रावत एडवोकेट एवं इस्लाम खान एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद कुमार सिंह एडवोकेट, अशोक कुमार सिंह एडवोकेट, महेश प्रशाद एडवोकेट, अरुण यादव एडवोकेट, राजीव एडवोकेट, भानु प्रताप गौड़ एडवोकेट तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र रावत एडवोकेट सहित अन्य सदस्यों की भी उपस्थिति रही।
इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नेता शिव शंकर सिंह ‘शंकरी’, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद रामशंकर त्रिपाठी, पार्षद खरिका प्रथम वार्ड के.एन. सिंह, पार्षद लवकुश, पार्षद राम नरेश, सुशील यादव, अनुज यादव, मनीष कुमार, संदीप, पंकज सिंह, शब्बीर खान, राहुल यादव, अशोक पाल एवं राजेश शर्मा सहित अनेक साथियों से भेंट एवं संवाद हुआ।
कार्यक्रम में पवन सिंह प्रधान, पार्षद राम नरेश रावत, एस.के. सुमन, भुवनेन्द्र सिंह ‘मुन्ना’, शिवसागर सिंह चौहान, चेयरमैन प्रतिनिधि बंथरा रणजीत रावत, पिंटू तिवारी, हरिशंकर सिंह चौहान, राजेश शुक्ला एवं बच्चू पासी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि सरोजनीनगर का प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो, प्रत्येक युवा को अवसर मिले, प्रत्येक जरूरतमंद को न्याय मिले और सरोजनीनगर शिक्षा, न्याय एवं तकनीक के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। अधिवक्ता साथियों के सम्मान, सुविधा, कल्याण और प्रगति के लिए सहयोग निरंतर जारी रहेगा।