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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और प्रधान पर गंभीर आरोप, पत्रकार ने थाने में दी तहरीर; वीडियो-ऑडियो साक्ष्य होने का दावा
सरेनी, रायबरेली। जनपद रायबरेली के सरेनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पहुरी के ग्राम निहाली खेड़ा में ग्रामीणों की समस्याओं को शासन-प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों तक खबरों के माध्यम से पहुंचाने के लिए कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ कथित तौर पर अभद्रता एवं दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमन सिंह ने कवरेज करने से रोकते हुए पत्रकारों से कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं धमकी भरे लहजे में बातचीत की। पूरे घटनाक्रम से संबंधित वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की बात भी पत्रकार ने कही है।
पत्रकार के अनुसार, निहाली खेड़ा में ग्रामीणों की जनसमस्याओं की जानकारी जुटाने के दौरान कथित ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमन सिंह ने उनसे कहा कि गांव में आने से पहले उनसे अथवा ग्राम प्रधान से अनुमति ली जाए। आरोप है कि बातचीत के दौरान अमन सिंह ने कुछ अन्य गांवों का जिक्र करते हुए वहां पत्रकारों के साथ मारपीट किए जाने जैसी बातें कहीं, जिससे मौके पर भय का माहौल उत्पन्न होने की स्थिति बनी।
बताया गया कि इसी दौरान कथित ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह को फोन कर पत्रकारों द्वारा की जा रही जनसमस्याओं की कवरेज की जानकारी दी। इसके बाद पत्रकार की ग्राम प्रधान से फोन पर बातचीत हुई। पत्रकार का आरोप है कि बातचीत के दौरान ग्राम प्रधान की ओर से भी कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया गया और गांव में रुके रहने की बात कहीं गईं।
पत्रकार के मुताबिक, कुछ समय बाद ग्राम प्रधान राघवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और कथित ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमन सिंह का समर्थन किया। आरोप है कि बातचीत के दौरान ग्राम प्रधान ने स्वयं को पूर्व में पत्रकार रहने की बात कहते हुए पत्रकारों से जुड़े कई पहचान पत्र अपने पास होने का दावा किया तथा विकास कार्यों के बजट को लेकर भी टिप्पणी की।
पत्रकार के अनुसार, ग्राम प्रधान ने सड़क, नाली एवं अन्य विकास कार्यों के संबंध में पत्रकारों से कहा कि यदि विकास कार्य कराना है तो संबंधित खंड विकास अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी अथवा जिलाधिकारी से संपर्क किया जाए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पत्रकार ने तत्काल डायल-112 पर सूचना देकर घटनाक्रम से पुलिस को अवगत कराया। साथ ही अपने दो-तीन पत्रकार साथियों को भी मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत कराया।
पुलिस की ओर से मौके पर यह कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की समस्या या शिकायत है तो वह संबंधित थाने में लिखित शिकायती पत्र देकर अपनी बात रख सकता है।
घटना के बाद पत्रकार मौके से निकलकर सरेनी थाना पहुंचे और पूरे मामले को लेकर लिखित शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। पत्रकार ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पत्रकार का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना पत्रकारिता का महत्वपूर्ण दायित्व है। यदि जनसमस्याओं की कवरेज के दौरान पत्रकारों को रोका जाता है अथवा उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता या धमकी की जाती है तो यह गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।