कान्हा उपवन गौशाला की व्यवस्थाओं की श्री मनोज कुमार सिंह ने की सराहना

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यूपी लाइव न्यूज़ 24 उत्तर प्रदेश

– स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ ने विभिन्न बाड़ों का किया निरीक्षण, गोवंशों को गुड़ खिलाया; विजिटर बुक में लिखा- रख-रखाव का स्तर बहुत ऊंचा

लखनऊ। पूर्व मुख्य सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश शासन श्री मनोज कुमार सिंह ने सोमवार को नादरगंज-अमौसी स्थित कान्हा उपवन गौशाला का औपचारिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बाड़ों में जाकर गोवंशों की स्थिति, उनके रख-रखाव, चारा-पानी, साफ-सफाई और देखभाल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गोवंशों को गुड़ भी खिलाया।

निरीक्षण के दौरान श्री मनोज कुमार सिंह ने गौशाला की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों तथा कर्मचारियों से गोवंशों की देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने चारा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था को अच्छा बताया।

*डॉ. अरविंद कुमार राव के नेतृत्व की विशेष सराहना*
श्री मनोज कुमार सिंह ने गौशाला के संचालन और व्यवस्थाओं की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. अरविंद कुमार राव के सक्षम नेतृत्व में कान्हा उपवन को अच्छी तरह विकसित और संचालित किया गया है। उन्होंने यहां गोवंशों के रख-रखाव और देखभाल के स्तर को उच्च मानक का बताया।

*विजिटर बुक में लिखा- दोबारा देखने पर पूरी तरह बदली नजर आई व्यवस्था*
निरीक्षण के बाद श्री मनोज कुमार सिंह ने विजिटर बुक में अपनी टिप्पणी दर्ज की। उन्होंने लिखा कि डॉ. अरविंद कुमार राव के सक्षम नेतृत्व में कान्हा गौशाला को बहुत अच्छी तरह स्थापित किया गया है। यहां रख-रखाव का स्तर बहुत ऊंचा है और गौशाला में रखे गए गोवंश एवं नंदी स्वस्थ हैं तथा उनकी अच्छी तरह देखभाल की जा रही है।

उन्होंने “Excellent Work” लिखते हुए गौशाला की टीम के कार्य की सराहना की तथा सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गौशाला से तैयार होने वाले बाय-प्रोडक्ट को अब अगले स्तर तक ले जाने की दिशा में काम किया जाए।

*10 हजार से अधिक गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्था*
कान्हा उपवन लखनऊ नगर निगम द्वारा संचालित प्रमुख गोशालाओं में है। यहां करीब 10 हजार से अधिक निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण, चिकित्सा और देखभाल की व्यवस्था है। वर्ष 2025 में इसे ISO 9001:2015 प्रमाणन मिला था और मार्च 2026 में प्रबंधन एवं संचालन की गुणवत्ता के लिए GMP प्रमाणन मिला था।

*गोबर से बायो-एनर्जी और उपयोगी उत्पादों पर जोर*
श्री मनोज कुमार सिंह की टिप्पणी में भी इसी दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया गया। उनके निरीक्षण और टिप्पणी से स्पष्ट है कि अच्छी देखभाल के साथ गौशाला से जुड़े बाय-प्रोडक्ट को भी अगले स्तर तक ले जाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। कान्हा उपवन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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