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– जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था की समीक्षा, लोगों की सुरक्षा के साथ पानी उतरने के बाद सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा की तैयारी के निर्देश
लखनऊ। गोमती नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति जानने के लिए नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने बुधवार को जोन-6 स्थित सैठा क्षेत्र तथा जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत, रेस्क्यू, स्वच्छता, पेयजल, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा छिड़काव सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों एवं नगर निगम की टीमों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत कार्यों को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
*सैठा में नावों से राहत और लोगों की आवाजाही*
जोन-6 के सैठा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों की सहायता के लिए नावों का संचालन किया जा रहा है। प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री भी नावों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है।
जोन-6 के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य के तहत भोजन, पेयजल और दवा किट का वितरण किया जा रहा है। सैठा क्षेत्र में भी जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
*फैजुल्लागंज में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर*
जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने जलभराव के कारण उत्पन्न स्वच्छता संबंधी स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में सफाई कार्य के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।
नगर निगम द्वारा जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान भी चलाया जा रहा है। जलभराव वाले ऐसे क्षेत्रों, जहां सामान्य माध्यमों से पहुंचना कठिन है, वहां ड्रोन के माध्यम से एमएलओ एवं एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
जोन-3 और जोन-6 के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक 138 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा चुका है। इसमें जोन-3 के 76 एकड़ और जोन-6 के 62 एकड़ क्षेत्र शामिल हैं।
*प्रभावितों के लिए रैन बसेरे और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध*
जलभराव प्रभावित लोगों के लिए नगर निगम द्वारा 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। दाउदनगर में 10, जबकि लोहरामऊ और मिल्लतनगर में एक-एक अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। इसके अलावा पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं।
रैन बसेरों में बेड, फोल्डिंग, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल चार्जिंग के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराए गए हैं।
*भोजन, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था जारी*
प्रभावित लोगों तक भोजन और पेयजल पहुंचाने के लिए नगर निगम की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। अब तक करीब 80 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल वितरित किया जा चुका है। विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में पानी के टैंकर भी लगाए गए हैं।
इसके अलावा 13 मोबाइल टॉयलेट लगाए गए हैं। दाउदनगर में करीब 65 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाकर राहत कार्यों और नागरिकों की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था मजबूत की गई है।
*पानी उतरने के बाद की चुनौतियों के लिए भी तैयारी*
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान राहत कार्यों के साथ ही जलस्तर कम होने के बाद उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने की तैयारी अभी से पूरी रखी जाए।
पानी उतरने के बाद सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, गंदगी और कचरे की तत्काल सफाई के लिए क्षेत्रवार टीमें निर्धारित की जा रही हैं। इन टीमों को सफाई, ब्लीचिंग पाउडर एवं आवश्यक दवाओं के छिड़काव तथा फॉगिंग आदि के लिए तैयार रखा जाएगा, ताकि जलस्तर कम होते ही अभियान तेजी से शुरू किया जा सके और संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को रोका जा सके।
नगर आयुक्त ने राहत कार्यों में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित किसी भी आवश्यकता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नगर निगम की जोन-3 और जोन-6 की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को संचालित कर रही हैं।